एजी ऑफिस सरकारी जमीन पर बना है, तहसीलदार ने बताया अगली सुनवाई 13 फरवरी को

ग्वालियर. एजी ऑफिस पुल की जमीन के मामले में जिला प्रशासन की तरफ से शुक्रवार को न्यायालय में जवाब पेश किया गया। तहसीलदार रामनिवास सिंह सिकरबार ने लिखित जवाब पेश करते हुए बताया कि पुल सरकारी जमीन पर बनाया गया है। जिन 3 सर्वे नम्बर का उल्लेख किया गया है। वह सरकारी जमीन है। वहीं,त्र इंटरवीनर बनने के लिये पेश किये संकेत साहू के आवेदन के पक्ष में एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर ने पक्ष रखा। उनकी तरफ से मिसिल बन्दोबस्त का रिकॉर्ड पेश किया गया और इसके साथ ही एजी ऑफिस पुल की जमीन को लेकर पूर्व में दायर की गयी याचिका का आदेश भी पेश किया गया। सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने अगली सुनवाई 13 फरवरी को की जायेगी।
शासन ने जबाव किया पेश, अगली सुनवाई 13 फरवरी को
दरअसल, कमलाराजे चेरिटेबल ट्रस्ट ने दावा पेश करते हुए 7 करोड़ रूपये का मुआवजा मांगा था। इसमें बताया है कि एजी ऑफिस पुल जिस जगह पर बना है वह ट्रस्ट की जमीन पर है। इसके एवज में ट्रस्ट ने करीब 7 करोड़ का मुआवजा देने की मांग की है। ट्रस्ट द्वारा करीब डेढ़ लाख रूपये न्याय शुल्क जमा भी किया गया है। ट्रस्ट के अस्थाई निषेधाज्ञा के आवेदन पर शासन की तरफ से जबाव पेश कर दिया गया है। शासन ने जबाव के परिपेेक्ष्य में दस्तावेज प्रस्तुत करने की भी मांग की है। इस संबंध में पेश किये आवेदन पर भी 13 फरवरी को सुनवाई होगी।