दुर्घटनाग्रस्त सुखोई-30 के दोनों पायलट अस्पताल से डिस्चार्ज होकर पहुंचे घर

ग्वालियर. महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुए लड़ाकू विमान सुखोई-30 के दोनों पायलट अब स्वस्थ हैं। इन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। बुधवार को दोनों पायलट अस्पताल से डिस्चार्ज होकर अपने घर पहुंच गए। चार दिन तक इनका मिलिट्री अस्पताल में इलाज चला। चार दिन पहले महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन से लड़ाकू विमान मिराज-2000 और सुखोई-30 को लेकर पायलट नियमित अभ्यास पर निकले थे।

ग्वालियर से 48 किलोमीटर दूर मुरैना जिले के पहाड़गढ़ में दोनों विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए थे। मिराज-2000 वहीं गिर गया, जिसे उड़ा रहे विंग कमांडर एवं टेकडी के प्रशिक्षक हनुमंत राव सारथी बलिदानी हो गए थे, जबकि सुखोई-30 उड़ा रहे स्कवाड्रन लीडर विजय पाटिल और मिथान पीएम इजेक्ट हो गए थे। सुखोई-30 यहां से 90 किलोमीटर दूर भरतपुर के खेत में गिरा था। दोनों पायलट पहाड़गढ़ में ही उतर गए थे। इस हादसे में दोनों घायल हो गए थे।

इसके चलते इन्हें इलाज के लिए मुरार केंटोनमेंट स्थित मिलिट्री अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। चार दिन तक इनका इलाज चला। भारतीय वायुसेना के अधिकारी भी इनसे मिलने पहुंचे और डाक्टर लगातार इनके स्वास्थ्य पर निगाह रखे हुए थे। बुधवार को दोनों अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर पहुंच गए। अभी तक इन दोनों पायलटों से भी वायुसेना के अधिकारियों ने हादसे को लेकर विस्तृत चर्चा नहीं की है, क्योंकि दोनों का इलाज चल रहा था।