मुरार के आसपास -पेयजल सप्लाई के लिये रमौआ बांध प्लांट लगाने की तैयारी, 60 एमएलडी क्षमता का होगा प्लांट

ग्वालियर. शहर और इससे सटे क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल सप्लाई के उपलब्ध कराने के लिये चम्बल प्रोजेक्टर के बाद रमौआ बांध पर 60 मिलियन लीटर प्रतिदिन पानी सप्लाई की क्षमता का प्लांट लगाया जायेगा। इसके लिये निगम के अधिकारियों ने रमौआ बांध के पास बने पुराने गेस्ट हाउस के पास की जमीन देखी है। उनका कहना है कि तकनीकी परीक्षण के बाद प्लांट की जगह को अंतिम रूप दिया जायेगा। प्रोजेक्ट पर 200 करोड़ रूपये के खर्च का आकलन किया जा रहा है।
सप्लाई की प्लानिंग
अमृत योजना के दूसरे चरण में शहर व उससे सटे ग्रामीण इलाकों में पेयजल सप्लाई की पर्याप्त सप्लाई की प्लानिंग की जा रही है और इसके लिये पेयजल सप्लाई लाईन और पानी की टंकियों का निर्माण के साथ पेयजल की उपलब्धता पर जोर दिया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के वार्ड नम्बर 61 व 66 से सटे ग्रामीण क्षेत्र में तिघरा से पानी दे पाना कठिन हो रहा है। इस वजह से रमौआ बांध पर प्लांट लगाकर वहां से मुरार व उसके आस-पास के ग्रामीण क्षेत्र में पानी देने का प्लान तैयार किया गया है। पहले भी रमौआ बांध पर प्लांट लगाने के प्रोजेक्ट पर बैठक हो चुकी है।
परीक्षण के बाद होगा काम
60 मिलियन लीटर प्रतिदिन पेयजल सप्लाई की क्षमता वाले प्लांट से प्रतिदिन 4 लाख लोगों को पानी सप्लाई किया जायेगा। रमौआ में हरसी हाईलेवल नहर से पानी आयेगा और उसके फिल्टर कर सप्लाई किया जायेगा। रमौआ में एक इंटकवेल बनाया जायेगा। निगमायुक्त किशोर कन्यालय ने कहा है कि रमौआ बांध पर प्लांट के लिये जगह देखी है। पीएचई व जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया है। परीक्षण के बाद ही काम शुरू हो सकेगा।

हरसी केनाल से रमौआ में पानी आएगा

रमौआ बांध पर प्लांट लगाकर मुरार और उसके आस-पास के ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल सप्लाई का आइडिया बहुत पुराना है। इस पर हर बार चर्चा ही हुई। यदि इस बार इस पर काम किया जा रहा है, तो इससे एक बड़े हिस्से में पर्याप्त पेयजल सप्लाई हो सकेगी। हरसी केनाल से रमौआ में पानी आएगा तो तिघरा पर पानी का दबाव भी कम होगा।

विनोद शर्मा, पूर्व कमिश्नर, नगर निगम