जैन मुनि के आव्हान पर भिण्ड की सड़कों पर उतरे जैन समाज के लोग, सम्मेद शिखर को पवित्र स्थल बनाये रखने की मांग

भिण्ड. दोपहर में हजारों की संख्या में जैन मुनि प्रतीक सागर महाराज के आव्हान पर सड़कों पर जैन समाज के लोग सम्मेद शिखर को तीर्थस्थल को पर्यटन स्थल घोषित किये जाने के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। जैन समाज ने बाजार बन्द रखते हुए रैली निकाली और इसके बाद जैन मुनि ने रैली में शामिल होने वाले लोगों को संबोधित भी किया।
यह रैली शहर के अलग-अलग रास्तों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। यहां देश की राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मे के नाम ज्ञापन सौंपा गया। सम्मेद शिखर को तीर्थ स्थल को पवित्र स्थल को बनाये रखने और पर्यटन स्थल हटाने की मांग को लेकर भिण्ड शहर में आसपास के क्षेत्रों से भी जैन समाज सहित दूसरे समाज के लोग एकत्रित हुए। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान शहर के लोगों ने जैन धर्म के तीर्थस्थल के सम्मान दिलाये जाने का समर्थन करते हुए अपनी दुकान व प्रतिष्ठानों को बन्द रखा गया। रैली में शामिल हुए लोगों ने एक स्वर में जैन मुनि प्रतीक सागर महाराज का समर्थन करते हुए जैन तीर्थकर भगवान पार्श्वनाथ के निर्वाण स्थल पवित्र सम्मेद शिखबर पर्यटन से हटाकर तीर्थस्थल घोषित करने की मांग रखी।

सम्मेद शिखर को जैन समाज बेहद ही पवित्र स्थल

जैन मुनि ने धर्मप्रेमियों को संबोधित करते हुए कहा झारखंड में स्थित सम्मेद शिखर को जैन समाज बेहद ही पवित्र स्थल के रूप में मानता है क्योंकि उनके तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का यहां पर निर्वाण हुआ था। जैन समाज का कहना है कि यहां अहिंसा का पालन करते हुए इस बात का भी बहुत ख्याल रखते हैं कि उनके तीर्थ की पवित्रता किसी भी प्रकार से भंग न हो। हालही में पवित्र सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित किये जाने के बाद वहां पर पर्यटक आने लगे जो पवित्र स्थल की पवित्रता को भंग कर रहे हैं। ऐसे में उसे पर्यटन स्थल से हटाकर तीर्थ स्थल ही घोषित किया जाए। इस मौके पर जैनमुनि ने प्रदेश व केंद्र सरकार को भी सधे हुए शब्दों में चेतावनी भी दी।