बनेगा अटल समारक, जमीन आवंटित अद्भुत थे अटल जी ग्वालियर – मुख्यमंत्री
ग्वालियर शहर के हृदय स्थल महाराज बाड़ा पर सतरंगी रोशनी में नहाईं सात देशों के वास्तुशिल्प से निर्मित ऐतिहासिक इमारतों के साए में अद्भुत, अकल्पनीय एवं अविश्वसनीय नजारों के बीच ग्वालियर के लाड़ले सपूत भारत रत्न एवं पूर्व पंधानमंत्री श्रद्धेय अटल के जन्मदिवस पर आनंद, उल्लास एवं भव्यता के साथ “ग्वालियर गौरव दिवस” मनाया गया। इस अवसर पर ने कहा कि देशभक्ति के प्रतीक एवं अपने आप में तमाम खूबियों को समेटे अटल जी अद्भुत थे। उसी तरह संगीत एवं कला की नगरी ग्वालियर भी अद्भुत है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर ग्वालियर को दिव्य, भव्य, समृद्ध एवं आधुनिक शहर बनायेंगे। ग्वालियर के विकास का रोडमैप तैयार कर लिया गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यह भी कहा कि श्रद्धेय अटल की स्मृति में ग्वालियर में भव्य स्मारक बनाया जायेगा। स्मारक के लिये सरकार ने जमीन आवंटित कर दी है।
अटल जी के जन्मदिवस 25 दिसम्बर की सांध्यबेला में महाराज बाड़े पर आयोजित हुए ग्वालियर गौरव दिवस के आयोजन में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी इस आयोजन के साक्षी बने। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथियों ने ग्वालियर का नाम रोशन करने वाली 5 विभूतियों को ग्वालियर गौरव सम्मान से विभूषित किया । इनमें संगीत के क्षेत्र में विश्व प्रसिद्ध सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान, विज्ञान के क्षेत्र में पृथ्वी मिसाइल के जनक एवं सुप्रसिद्ध रक्षा वैज्ञानिक डॉ. व्ही के साराश्वत, चिकित्सा के क्षेत्र में देश के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. जमाल यूसुफ, खेल के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय महिला हॉकी खिलाड़ी सुश्री इशिका चौधरी एवं ग्वालियर-चंबल अंचल में शिक्षा का उजियारा फैला रहे शिक्षाविद् ओपी दीक्षित शामिल हैं। इस अवसर पर वीररस के कवि डॉ. हरिओम पवार को अटल सम्मान प्रदान किया गया एवं भजन साम्राज्ञी सुश्री अनुराधा पोडवाल व सारेगामा फेम कलाकारों की प्रस्तुतियाँ हुईं और अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन भी हुआ। आरंभ में मुख्यमंत्री सहित अन्य सभी अतिथियों ने भारत रत्न श्रद्धेय अटल जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मध्यप्रदेश गान एवं ग्वालियर गौरव गान की प्रस्तुति भी इस अवसर पर हुई।
अटल के नाम पर गौरव दिवस मनाने के लिए जताया आभार
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल कहा करते थे देश हमारे लिये जमीन का टुकड़ा नहीं, जीता-जागता इंसान है। अटलजी अजात शत्रु थे। उन्होंने भारत को परमाणु महाशक्ति बनाया और दुनिया का दंभ तोड़ दिया। अटल अद्वितीय नेता थे। ऐसे महान सपूत के नाम पर ग्वालियर गौरव दिवस मनाए जाने पर मैं ग्वालियर की जनता का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। मुख्यमंत्री ने ग्वालियर की खूबियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐतिहासिक ग्वालियर नगरी, ऋषि गालव, संगीत सम्राट तानसेन, संत गंगादास व ढोलीबुआ महाराज, कला पोषक राजा मानसिंह तोमर, अटल और विकास के पुरोधा माधव महाराज की धरा है। यहाँ का किला व दाताबंदी छोड़ गुरूद्वारा सहित तमाम ऐतिहासिक धरोहरें विश्व प्रसिद्ध हैं। ग्वालियर के व्यंजन भी सारे देश में जाने जाते हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अटल ने साहसपूर्वक संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण देकर हिंदी भाषा का मान बढ़ाया था। मध्यप्रदेश सरकार ने भी हिंदी में मेडीकल व इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू की है।