ग्वालियर में सबसे भ्रष्ट राजस्व विभाग, रिश्वतखोरी में पंचायत दूसरे नंबर पर

ग्वालियर. राजस्व विभाग सबसे ज्यादा भ्रष्ट है। यह हम नहीं कह रहे, यह खुलासा लोकायुक्त पुलिस के आंकड़े कर रहे हैं। इस साल जनवरी से नवंबर माह के बीच लोकायुक्त पुलिस ने जिन रिश्वतखोरों को रंगेहाथ पकड़ा, उसमें सबसे टाप पर राजस्व विभाग है। जबकि पंचायत विभाग रिश्वतखोरी में दूसरे नंबर पर है। लगातार भ्रष्टाचारी पकड़े तो जा रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लग रही। नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो 2021 की रिपोर्ट में भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 65 प्रतिशत तक भ्रष्टाचार बढ़ा है। ग्वालियर में भी पिछले साल की तुलना में 30 प्रतिशत तक भ्रष्टाचार बढ़ा। हर साल अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार निरोधक दिवस 9 दिसंबर को मनाया जाता है। लेकिन यह दिन सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाता है।

रिश्वतखोरी ने भोपाल तक कराई बदनामी
लोकायुक्त पुलिस ने तीन ही पुलिसकर्मियों को 11 माह में रिश्वत लेते पकड़ा। जबकि पुलिस अधिकारियों से लेकर पुलिसकर्मियों तक ने रिश्वतखोरी के मामलों में भोपाल तक ग्वालियर पुलिस की बदनामी करवाई। इन पर विभागीय कार्रवाई की गई।
सबसे पहला नाम है डीएसपी प्रमोद शाक्य का। यह डंपर वसूली कांड में फंसे, इसके बाद इन्हें ग्वालियर से हटाकर भोपाल पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया। हाल ही में मुरार के पांच पुलिसकर्मी रेत के डंपर से वसूली कांड में फंसे। इन्हें निलंबित किया गया। इससे पहले इंदरगंज थाने के तीन पुलिसकर्मियों का नाम नशा तस्कर से लेनदेन में सामने आया, इसमें इन्हें निलंबित किया गया था।