क्या रोड पर ब्रिज के गलत डिजाइन के चलते हुई मिस्त्री की कार हादसे का शिकार?
मुंबई. टाटा संस के पूर्व अध्यक्ष साइरस मिस्त्री का मंगलवार को मुंबई में अंतिम संस्कार कर दिया गया. महाराष्ट्र के पालघर जिले में रविवार दोपहर को हुई सड़क दुर्घटना में मिस्त्री और उनके दोस्त जहांगीर पंडोले की मौत हो गई थी. वे दोनों दक्षिण गुजरात स्थित उदवाडा से लौट रहे थे, जो पारसी धर्म के लोगों के लिए सबसे पवित्र स्थल है. ये दुर्घटना आखिर कैसे हुई इसको लेकर अब अलग-अलग सवाल उठाए जा रहे हैं. इस हादसे का जांच कर रही फॉरेंसिक टीम ने दावा किया है कि सड़क पर बने ब्रिज के डिज़ाइन में कुछ गड़बड़ियां है और इसी के चलते ये दुर्घटना हुई.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हादसे का जांच करने के लिए 7 सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची थी. इस टीम ने कहा कि ब्रिज के गलत डिज़ाइन के चलते ये एक्सिडेंट हुआ. टीम ने कहा कि पुल की रेलिंग की दीवार रोड के लेन की तरफ उभरी थी. जबकि सीट बेल्ट न पहनने की चलते साइरस मिस्त्री की मौत हुई. बता दें की सभी लोग मर्सिडीज के एसयूवी मॉडल जीएलसी 220डी में सवार थे. टीम ने ये भी कहा कि अगर पीछे की सीट पर बैठे लोग सीट बेल्ट लगाई होती तो एयर बैग से जान बच सकती थी.
क्यों नहीं खुले एयरबैग?
फॉरेंसिक टीम ने ये भी कहा है कि गाड़ी में लगे सभी फीचर ने काम किए. बता दें कि मर्सेडीज बेंज जीएलसी 220 में पीछे की सीट पर बैठे यात्रियों के लिए साइड में कर्टेन एयरबैग्स होते हैं. कहा जा रहा है कि ये एयरबैग्स खुले तो जरूर लेकिन इसमें थोड़ी देरी हो गई. फॉरेंसिक टीम ने ये भी कहा कि गाड़ी काफी तेज़ रफ्तार से चल रही थी. फिलहाल सॉफ्टवेयर स्टिमुलेशन के जरिए गाड़ी की सही रफ्तार पता लगाने की कोशिश की जा रही है.
मर्सिडीज बेंज कर रही हैं जांच
इस बीच लक्जरी कार विनिर्माता मर्सिडीज बेंज इंडिया ने कहा कि वो मिस्त्री की मौत के लिए जिम्मेदार कार हादसे की जांच में अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है. मर्सिडीज ने कहा कि वह अपने वाहनों को नवीनतम सुरक्षा खूबियों एवं तकनीकों से लैस करने के साथ सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अपनी कोशिशें जारी रखेगी. इसके पहले कंपनी की एक टीम ने हादसे का शिकार हुए गाड़ी के आंकड़े इकट्ठा किए. इनके आधार पर आगे का विश्लेषण किया जाएगा.