57 साल में पहली बार होगा कांग्रेस का महापौर, 5 अगस्त को चुना जायेगा सभापति

ग्वालियर. 57 साल में पहली बार कांग्रेस महापौर 1 अगस्त को जीवाजी विश्वविद्यालय के अटलबिहारी सभागार में महापौर पद की शपथ लेते ही कांग्रेस की डॉ. शोभा सिकरबार 57 वर्ष के इतिहास को बदलेगीं। ग्वालियर नगरनिगम में 57 साल से भाजपा का महापौर बनता आ रहा था और इसके साथ ही 66 वार्ड के पार्षद भी शपथ लेंगे और इसके बाद परिषद की पहली बैठक 5 अगस्त को जलबिहार स्थित महापौर कार्यालय में होगी। इसी दिन नगरनिगम ग्वालियर का सभापति चुनाव जायेगा।
इसके लिये शनिवार को ग्वालियर कलेक्टर ने आदेश जारी करने के लिये कह दिया है। सभापति कौन होगा इसको लेकर भाजपा और कांग्रेस में कशमकश चल रही है। परिषद में समीकरण अभी भाजपा के पास है। लेकिन कांग्रेस पूरा प्रयास करेगी कि क्रॉस वोटिंग कराकर महापौर को निर्णायक वोटिंग करने का अवसर मिले।

1 अगस्त काे दोपहर 3 बजे लेंगे शपथ
ग्वालियर में नगर निगम सहित 7 निकाय हैं। इनमें से ग्वालियर नगर निगम व डबरा नगर पालिका का नोटिफिकेशन हो चुका है। शेष 5 नगर परिषद का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद वहां परिषद अध्यक्ष के कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। ग्वालियर नगर निगम में महापौर और 66 वार्ड के पार्षद 1 अगस्त दोपहर 3 बजे जीवाजी यूनिवर्सिटी के अटल बिहारी सभागार में शपथ लेंगे। नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 17 ख के अनुसार महापौर व प्रत्येक पार्षद को निगम के पहले सम्मेलन में सभापति के चुनाव में भाग लेने या अपना पद ग्रहण करने के पहले कलेक्टर के समक्ष निर्धारित प्रारूप में शपथ या प्रतिज्ञान पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य है। इससे स्पष्ट है कि सम्मेलन से पहले नवनिर्वाचित सदस्यों का शपथ पर हस्ताक्षर करना जरूरी है। पत्र जारी होने के साथ निगमायुक्त किशोर कन्याल ने शपथ ग्रहण समारोह को लेकर सभी की जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। शपथ की औपचारिकताएं का जिम्मा सचिव को सौंपा गया है।

महापौर की एमआईसी में इनको जगह मिलने की संभावना
कांग्रेस की महापौर की मेयर इन काउंसिल में कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षदों को जगह मिलेगी। कांग्रेस के 26 में से 24 पार्षद पहली बार चुनाव जीते हैं। सिर्फ 2 पार्षद विनोद यादव उर्फ माटू व उपासना सिंह ही दूसरी बार जीतकर आये हैं। इनका एमआईसी मेंआना लगभग तय है और इसके अलावा कांग्रेस के पार्षद अवधेश कौरव मेयर पति विधायक सतीश के नजदीक हे। इसके अलावा वार्ड 19 से भाजपा के बागी बलवीर तोमर इस बार कांग्रेस से जीतकर आये हैं। उनका भी नाम देखने को मिल सकता है। इसके साथ-साथ 6 निर्दलीयों में 4 या 5 एमआईसी में जगह ले सकते हैं।