खदानों के एरियल व्यू पर कोर्ट का सवाल- प्रशासन ने बताए थे सीमित रास्ते, इतने रास्ते कहां से आ रहे- हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने देखा बिलौआ की खदानों का एरियल सर्वे, आज फिर होगी सुनवाई
कलेक्टर से कहा- अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी आपकी
ग्वालियर-बिलौआ में अवैध खनन रोकने के मामले में हाई कोर्ट ने ग्वालियर कलेक्टर की जिम्मेदारी एक बार फिर स्पष्ट कर दी है। जनहित याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी कलेक्टर को दी जा चुकी है, खनिज अधिकारी को नहीं। अब कलेक्टर रुविका चौहान को यह बताना है कि अवैध खनन और परिवहन रोकने में क्या कदम उठाएगी? मामले की सुनवाई बुधवार को फिर होगी। कोर्ट ने अन्य पक्षकारों से भी रोकथाम को लेकर सुझाव मांगे हैं।
हाईकोर्ट ने खदानों का एरियल सर्वे भी देखा। सर्वे में कई रास्ते दिखने पर कोर्ट ने सवाल किया कि इतने रास्ते कहां से आ रहे हैं, जबकि प्रशासन ने खनिज परिवहन के लिए सीमित रास्ते बताए हैं। खेत में फैली मिट्टी को लेकर भी सवाल उठे। सुनवाई के दौरान प्रभारी खनिज अधिकारी पंकज धवन मिश्रा पर लगे आरोप भी चर्चा में रहे।
स्कूल की 9 लाख फीस भरी, मिश्रा का 46 हजार वेतन
इंटरवेनर अब्दुल कलाम ने पंकज धवन मिश्रा की ओर से हाईकोर्ट में दिए गए बयान की कॉपी (अन्य जिले में दर्ज केस की) पेश की। इसमें मिश्रा ने 2 शादियां और 3 बच्चे होने की बात स्वीकार की। पहली पत्नी से 2 संतान हैं। दूसरी शादी नवंबर 2021 में हुई, जिसमें 1 पुत्री है। बेटे का 2023 में सिंधिया स्कूल में दाखिला हुआ। शिकायत में पहले वर्ष की फीस करीब 9 लाख और तब वेतन करीब 46 हजार रुपए मासिक बताया गया।
कहां से आ रहे हैं, जबकि प्रशासन ने खनिज परिवहन के लिए सीमित रास्ते बताए हैं
खदानों में अवैध खनन की रोकथाम को लेकर हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान प्रशासन की ओर से खनिज परिवहन के लिए सीमित रास्ते बताए गए थे। एरियल सर्वे में कई रास्ते दिखाई देने पर कोर्ट ने इन रास्तों को लेकर सवाल उठाए हैं।
यदि ये टॉवर गिरता है बिजली सप्लाई पर संकट आ जाएगा
बिलौआ में अवैध खनन की भेंट चढ़ने की कगार पर पहुंचे बिजली ट्रांसमिशन टॉवर को बचाने आखिरकार मप्र पावर ट्रांसमिशन। कंपनी के अधिकारियों ने जिला खनिज विभाग ग्वालियर को पत्र भेजकर कहा है कि खनन के कारण ट्रांसमिशन कंपनी गिरने की स्थिति में आ गया है। लेकिन अब तक इस पर रोक की कार्रवाई नहीं हुई है।यदि ये टॉवर गिरता है तो न सिर्फ बिलौआ बल्कि ग्वालियर समेत आसपास के दूसरे जिलों में भी बिजली सप्लाई पर संकट आ जाएगा। इसलिए यहां हो रहे किसी भी प्रकार के खनन को जल्द बंद कराया जाए।
खनन रोकने के लिए कहा है
बिलौआ में ट्रांसमिशन टॉवर तक पत्थर खुदाई की जानकारी मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने जिला प्रशासन, पुलिस और खनिज विभाग को पत्र भेजा है। इसमें तत्काल खनन रोकने के लिए कहा गया है। शशिकांत ओझा, पीआरओ/मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी