ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर हाई अलर्ट, आरपीएफ डीआइजी और जीआरपी एडिशनल एसपी ने डाला डेरा

ग्वालियर. अग्निपथ योजना के विरोध में उपद्रवी सबसे ज्यादा नुकसान रेलवे की संपत्ति को पहुंचा रहे हैं। गत गुरुवार को स्टेशन पर उपद्रवियों द्वारा की गई तोड़फोड़ के बाद अब 20 जून को अग्निपथ योजना के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया गया है। योजना का विरोध कर रहे उपद्रवियों द्वारा दिल्ली चलो का भी नारा इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करने के बाद ग्वालियर स्टेशन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। आरपीएफ के डीआइजी आरएसपी सिंह और जीआरपी के एडिशनल एसपी अमित कुमार वर्मा ने स्टेशन पर डेरा डाल लिया है। इनकी अगुवाई में स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।

रविवार को आरपीएफ व जीआरपी के अफसरों ने वर्चुअल बैठक भी की। इसमें मध्यप्रदेश जीआरपी के अफसरों सहित आरपीएफ के झांसी, नागपुर, भोपाल, कल्याण, भुसावल के अफसर जुड़े। हंगामे और उपद्रव के इनपुट के आधार पर तय किया गया है कि स्टेशन पर पर्याप्त संख्या में बलवा नियंत्रक सामग्री के साथ ही अश्रु गैस भी वितरित की जाए। ग्वालियर सहित मुरैना व भिंड स्टेशनों पर राइफल पार्टियां भी तैनात की गई हैं। फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और डाक्टरों को भी तैनात रखने के लिए कहा गया है। इसके अलावा प्रत्येक स्टेशन की वीडियोग्राफी भी की जाएगी। जीआरपी व आरपीएफ के जवान सादा कपड़ों में तैनात किए जाएंगे। यदि बीच रास्ते में ट्रेन रोकी जाती है, तो जल्द से जल्द सुरक्षा बल वहां पहुंचे। खाली पड़े यार्ड में खड़ी ट्रेनों की सुरक्षा के लिए भी जवान तैनात किए गए हैं। ट्रेनों के अधिक समय तक रुकने की स्थिति में यात्रियों को खाद्य सामग्री व पीने का पानी उपलब्ध कराया जाएगा। पटरियों से भीड़ आने पर गेटमैन और गैंगमेनों को सूचना देने के लिए कहा गया है। इसके अलावा आरपीएफ व जीआरपी द्वारा संयुक्त रूप से फ्लैग मार्च भी किया जाएगा।
स्टेशन पर बवाल की स्थिति से निपटने के लिए तमिलनाडु के त्रिचुरापल्ली से आरपीएफ की एक कंपनी बुलाई गई है। इसमें 124 जवान शामिल हैं। इसके अलावा 80 जवानों का बल पहले से ग्वालियर में मौजूद है। इन जवानों ने रविवार को स्टेशन पर फ्लैग मार्च निकाला। इसके अलावा पटरियों पर भी सर्चिंग की। इन जवानों को बिरला नगर, रायरू सहित सिथौली, पनिहार जैसे स्टेशनों पर तैनात किया गया है। उधर जीआरपी ने भी भिंड, मुरैना व ग्वालियर को संवेदनशील मानते हुए बल बढ़ाया है। साथ ही जिला पुलिस से भी जवानों को स्टेशन की सुरक्षा में तैनात रहने के लिए कहा गया है।