कैसे दूर होगा देश का बिजली संकट? केंद्र सरकार इस बड़े प्लान पर कर रही काम
बिजली आपूर्ति संकट और कई राज्यों में बिजली कटौती के बीच सरकार ने सोमवार को असंचालित कोयला आधारित संयंत्रों को पुनर्जीवित करने पर चर्चा शुरू की. ‘द ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने 7,150 मेगावाट के कोयला आधारित संयंत्रों को पुनर्जीवित करने की योजनाओं पर चर्चा का नेतृत्व किया. यह चर्चा उस दिन हुई जब गृह मंत्री अमित शाह भी पावर क्राइसिस के मद्देनजर बिजली और कोयला मंत्री से मिलने के लिए इच्छुक थे. सूत्रों ने बैठक की पुष्टि की, लेकिन इसके एजेंडे का खुलासा नहीं किया.
कोयला आधारित असंचालित संयंत्रों को पुनर्जीवित करने पर बैठक के बीच, अप्रैल में बिजली की मांग में 14 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई. देश में इलेक्ट्रिसिटी डिमांड 134 बिलियन यूनिट के उच्चतम स्तर को छू गई. यह अनुमान है कि मई में बिजली की मांग बढ़कर 222 गीगावॉट हो सकती है. मौसम विभाग ने हीटवेव का अलर्ट जारी किया है. मई में उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में सामान्य से अधिक तापमान का पूर्वानुमान भी है, जो 72 वर्षों में दूसरी सबसे भयंकर गर्मी का सामना कर रहा है.