बिहार में नितिन नवीन की सीट पर प्रशांत किशोर जीते, MP के दतिया में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने 6,016 वोटों से जीत दर्ज की
बिहार. बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के रिजल्ट आ गए है। एमपी के दतिया में कांग्रेस और गुजरात में भाजपा जीत गई है। बिहार के बांकीपुर में नितिन नवीन की सीट पर प्रशांत किशोर जीत गए है। जन सुराज पार्टी के फाउंडर प्रशांत किशोर 19324 वोटों से जीते है। प्रशांत को 64151 वोट मिले है जबकि भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार को 44827 वोट मिले है।
जानकारी के अनुसार बांकीपुर सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की पारंपरिक सीट है। वे यहां से लगातार 5 बार विधायक रहे है। उनके राज्यसभा जाने के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराया गया। काउंटिंग के दौरान चुनाव आयोग की वेबसाइट पर कुछ गडबड देखने को मिली। सुबह से वेबसाइट पर 31 राउंड की काउंटिंग बताई जा रही थी। 31 राउंड पूरे होते ही पहले 32 और फिर 36 राउंड काउंटिंग दिखाई जाने लगी, बाद में फिर 32 राउंड की काउंटिंग दिखा दी गई।
इधर मध्य प्रदेश के दतिया में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने 6016 वोटों से जीत दर्ज की। भाजपा ने यहां पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया था। आशुतोष नरोत्तम मिश्रा के पोलिंग बूथ पर भी नहीं जीत पाए।
पीके को भाजपा-राजद के कुछ वोटो से भी ज्यादा वोट मिले
भाजपा के नीरज कुमार को 44827 वोट मिले। दोनों के बीच जीत का अंतर 19324 वोट रहा। राजद की रेखा कुमारी 14273 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। भाजपा और राजद को मिलाकर 59100 वोट मिले जो अकेले प्रशांत किशोर के वोटों से 5051 कम है। यह उनकी मजबूत बढत को दिखाता है। चुनाव में कुल 130313 वोट पडे। इनमें से लगभग हर दूसरा वोट प्रशांत किशोर के पक्ष में गया। नोटा को 646 वोट मिले। वहीं शीर्ष तीन उम्मीदवारों के बाद कोई भी प्रत्याशी 1000 वोट तक नहीं पहुंच सका। चौथे स्थान पर रहे मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव को 937 वोट मिले।
दतिया में एएसपी ने कांग्रेस के वोट काटे
कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने दतिया उपचुनाव में 66757 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। भाजपा के आशुतोष तिवारी को 60741 वोट मिले। दोनों के बीच जीत का अंतर 6016 वोट रहा। तीसरे स्थान पर आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव मंडल रहे। उन्हें 22527 वोट मिले। कांग्रेस और भाजपा के बीच मुकाबला कडा रहा लेकिन आजाद समाज पार्टी ने भी अच्छी-खासी हिस्सेदारी लेकर चुनाव को त्रिकोणीय बनाया।