4 माह में कितनी बदल गयी सायेनी घोष, शायरी वाले हमले से मोदी सरकार की ढाल बनने तक

नई दिल्ली. ममता बनर्जी की कभी राइट हैंड रहीं सांसद सयोनी घोष 3 माह तक पीएम नरेन्द्र मोदी से लेकर भाजपा तक हमलावर रहती थी। सायोनी घोष संसद से सड़क तक विपक्ष की एक सशक्त आवाज बनकर उभरी थी। लेकिन समय बदला और सियासत के करवट लेते ही उनके तेवर भी बदल गये है। ममता बनर्जी और टीएमसी से बगावत कर एनसीपीआई में शामिल हुई सायोनी घोष अब मोदी सरकार के लिये सियासी ढाल बनकर सामने आयी है।
मोदी सरकार संसद में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 लेकर आयी हैं जिस पर सायानी घोष ने स्वागत किया है। पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा से भागने के लिये विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है। अब सरकार ने संसद में बिल पर चर्चा के लिये सायोनी घोष के नाम को भी शामिल किया है। संसद में सायोनी घोष के भाषणों ने उन्हें एक अलग पहचान दी। उनके भाषण सोशल मीडिया पर वायरल होते है। वह बांग्ला, अंग्रजी और हिन्दी में धाराप्रवाह बोलती है। 2024 से अभी तक मोदी सरकार पर हमलावर रहती थी। लेकिन अब सरकार के पक्ष में अपनी बात रखेंगे। ऐसे में सभी की निगाहें है कि संसद में वो किस तरह से विपक्ष पर निशाना साधती है?
संसद में सरकार की ढाल बनेगी सायोनी घोष
नरेंद्र मोदी सरकार ने सोमवार को लोकसभा में पेपर लीक रोकने के लिए और कड़े कानून के लिए एक विधेयक पेश किया है। सरकार और स्पीकर ने चर्चा शुरू कराने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण ऐसा हो नहीं सका. मंगलवार को संसद में चर्चा होनी है, जिसके लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।
मोदी सरकार ने चर्चा के लिए सत्तापक्ष की तरफ से जिन सांसदों के नाम दिए है। उसमें सायोनी घोष का भी नाम शामिल हैं.सायोनी घोष सांसद बनने के बाद पहली बार मोदी सरकार के लिए सदन में सियासी ढाल बनेंगी और मजबूती से बात रखेंगी । मोदी सरकार की तरफ से वो विपक्ष पर निशाना साधेंगी. ऐसे में देखना होगा कि सायोनी घोष किस तरह से विपक्ष के खिलाफ आक्रामक तेवर अख्तियार करती हैं?