Meerut News: घर की चाभी पाकर छलके मुस्लिम महिला के आंसू, बोली- मोदी जी को ही वोट दूंगी

मेरठ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मेरठ (Meerut) में एक मुस्लिम महिला तो सरकार की योजानाओं का तोहफा पाकर इतना खुश हुई कि उसके आंसू छलक पड़े. महिला का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) गरीबों की बहुत मदद कर रहे हैं. इसलिए वो उन्हें ही वोट करेंगी. महिला ने बताया कि उसके यहां छप्पर का घर था और आज की तारीख में पक्का मकान बन गया है. गुलशन और शमीना नाम की महिलाएं घर की चाभी पाकर खुशी से फूले नहीं समा रही थीं. बार-बार वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का शुक्रिया अदा कर रही थीं.

इन महिलाओं ने बताया कि पहले उनका कच्चा मकान था और घर के अंदर पानी भर जाया करता था. शमीना नाम की महिला का कहना है कि मोदी जी की बात सुनकर उनका आज दिल भर आया. इस महिला का कहना है कि उसने कभी नहीं सोचा था कि उसका कभी अपना घर भी होगा. महिला ने बताया कि वो सोचती थी कि ये जीवन तो ऐसे ही पार हो जाएगा. लेकिन उनके सपनों को मोदी जी और सरकार की योजनाओं ने हकीकत में तब्दील कर दिया है.

नगर आयुक्त ने कही ये बात

नगर आयुक्त मनीष बंसल ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत यही लक्ष्य है कि हर शहरी गरीब को उसका घर मिले. उन्होंने बताया कि आज विभिन्न लाभार्थियों को डिजिटल माध्यम से चाभी वितरित की गई. नगर आयुक्त ने बताया कि शासन की प्राथमिकता के आधार पर अन्य योजनाएं जैसे गैस सिलेंडर, शौचालय, बिजली और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सभी को सुनिश्चित हो यही लक्ष्य है. आर्थिक योजनाएं जैसे पीएम जनधन योजना या फिर बीमा योजनाएं हैं. पीएम स्वनिधि योजना को लेकर भी लोगों को लगातार जागरुक किया जा रहा है.

राज्यसभा सांसद कांता कर्दम भी रहीं मौजूद

राज्यसभा सांसद कांता कर्दम भी इस दौरान उपस्थित रहीं. उन्होंने कहा कि आज मेरठ में एक हज़ार लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिला है. राज्यसभा सांसद ने कहा कि इस बार यूपी विधानसभा चुनाव में भी पार्टी तीन सौ सीटों के आंकड़ों को पार करेगी. हालांकि जब उनसे सवाल किया गया कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तो चार सौ सीट जीतने का दावा करते हैं तो वो फौरन ही बोल पड़ीं कि हम भी चार सौ पार जा सकते हैं. कांता कर्दम लखीमपुर की घटना को लेकर भी बोलीं. उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच की जा रही है और कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा.