स्नेहालय में अब मरीज की मौत, कलेक्टर ने माना-व्यवस्था में चूक
ग्वालियर। मूक-बधिर युवती के साथ दुष्कर्म और गर्भपात कर भ्रूण जला देने की घटना के बाद से चर्चा में आए स्नेहालय में अब 22 साल के करन की गुरुवार सुबह मौत हो गई। करन लाइलाज बीमारी से ग्रस्त था। 22 वर्ष का होने के बाद भी उसका वजन मात्र 10 किलो था। मृतक की सांसें दवाओं के सहारे चल रहीं थीं। संस्था में दवाएं देरी से मिलने के कारण उसकी मौत होने की आशंका जताई जा रही है।
वहीं, प्रशासन ने बीमारी की वजह को ही प्रारंभिक कारण बताया है। मृतक करन 2006 में स्नेहालय में आया था। कॉटेज नंबर-2 में उसका बेड था। करन की हालत पिछले तीन-चार दिन से ज्यादा खराब थी। खाना-पीना भी नाममात्र का कर रहा था। गुरुवार सुबह उसने कुछ नहीं खाया-पीया। सुबह लगभग साढ़े 8 बजे उसकी सांसें थम गईं। करण को टीबी भी था। फॉरेंसिक एक्सपर्ट अखिलेश भार्गव भी मौके पर पहुंच गए थे। इधर, अब स्नेहालय को प्रशासन चलाएगा
कलेक्टर अशोक कुमार वर्मा ने माना कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे महिला एवं बाल विकास विभाग और सामाजिक न्याय विभाग की चूक ही सामने आई है। कलेक्टर अशोक कुमार वर्मा ने स्नेहालय के अधिग्रहण के आदेश जारी कर सामाजिक न्याय विभाग को इसके संचालन की जिम्मेदारी सौंपी है। इसकी वजह स्नेहालय प्रबंधन का जेल में होना है और मानसिक रोगी व सामान्य लोगों के लिए खानपान, सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार लोग चाहिए।
इस कारण यह निर्णय लिया गया। अब कलेक्टर शहर भर के आश्रम स्थल से लेकर हॉस्टलों की जांच कराएंगे और इनकी लगातार मॉनिटरिंग की भी व्यवस्था बनाई जाएगी। ग्वालियर चैरिटेबल हॉस्पिटल के नाम से संचालित स्नेहालय में मूक-बधिर युवती के साथ हुई दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद से इसके संचालन और वहां की व्यवस्थाएं गडबड़ा गईं थीं। गुरुवार को संभागायुक्त बीएम शर्मा और कलेक्टर अशोक कुमार वर्मा ने स्नेहालय का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाएं पूरी तरह बेहतर न पाते हुए अधिग्रहण का निर्णय लिया।