सवर्ण आंदोलन को ठंडे बस्ते में डालने टलवाया शाह का दौरा

ग्वालियर। पूरी तैयारी के बावजूद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का ग्वालियर-चंबल संभाग का दौरा यूं ही निरस्त नहीं हुआ है, बल्कि इसके पीछे एक सोची-समझी रणनीति है। पार्टी नेता अच्छी तरह समझ गए थे कि शाह के आने पर सवर्ण समाज काले झंडे दिखाए बिना नहीं मानेगा और ऐसा होते ही ये घटनाक्रम राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया की हेडलाइन में छाया रहता। दरअसल इस पूरे मामले में भारतीय जनता पार्टी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।

पार्टी नेताओं को साफ कह दिया गया है कि वह इस मामले में कोई बयान जारी न करें। किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रति उत्तर में ऐसा कुछ न करें जिससे सवर्ण समाज में पार्टी को लेकर नाराजगी और बढ़े।

यही कारण है कि रविवार को जब सवर्ण समाज के लोग मुरैना सांसद अनूप मिश्रा के घर पहुंचे तो उन्होंने सहर्ष प्रदर्शन करने वालों को घर पर बैठाया। मंगल वाटिका में चल रही बैठक के दौरान जब सवर्ण समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया तो राज्यसभा सांसद प्रभात झा धिक्कार पत्र लेने खुद वाटिका के गेट पर पहुंच गए। इससे पहले संभागीय बैठक में भारी पुलिस बल होने के बाद भी मुट्ठी भर सवर्ण समाज के लोग विरोध प्रदर्शन में कामयाब रहे।