PM मोदी के नए मंत्री राजीव चंद्रशेखर के हैंडल से हटा ब्लू टिक, ट्विटर ने बताई वजह

नई दिल्ली. माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर (Twitter) ने मोदी सरकार के नए मंत्री राजीव चंद्रशेखर के हैंडल से ब्लू टिक हटा दिया है. चंद्रशेखर को पिछले हफ्ते कैबिनेट में इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री (Minister of State for Electronics and Information Technology) के तौर पर जगह दी गयी है. इस बारे में ट्विटर की तरफ से फिलहाल कोई बयान नहीं आया है. ट्विटर के अनुसार, ब्लू वैरिफाइड बैज का मतलब होता है कि अकाउंट जनहित से जुड़ा हुआ है और वास्तविक है. खास बात है कि इस टिक को हासिल करने के लिए ट्विटर अकाउंट सक्रिय और वास्तविक होना चाहिए.

सूत्रों के मुताबिक हो सकता है कि हैंडल पर नाम बदलने के चलते ब्लू टिक हट गया हो. दरअसल राजीव चंद्रशेखर का पहले वेरिफाइड अकाउंट Rajeev MP था. लेकिन अब मंत्री बनने के बाद उन्होंने नाम बदलकर Rajeev GOI कर लिया है. जानकारों के मुताबिक नाम बदलने से कई बार अपने आप ब्लू टिक हट जाता है.

ट्विटर विवाद पर क्या बोले मंत्री

पिछले हफ्ते कार्यभार संभालने के बाद ट्विटर विवाद पर चंद्रशेखर ने बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि मंत्रालय एकतरफा काम नहीं करता है. उन्होंने नए IT नियमों पर सरकार के साथ विवाद पर कहा, 'मैंने अभी ज़िम्मेदारी संभाली है. मंत्रालय एकतरफा आधार पर काम नहीं करता है और इसका व्यक्तिगत विचारों से कोई लेना-देना नहीं है. मंत्रालय नए केंद्रीय मंत्री के साथ बैठकर इन सभी मुद्दों का समाधान करेगा.'

पहले भी कई नेताओं का हटा ब्लू टिक

ये कोई पहला मौका नहीं है जब ट्विटर ने भारत में किसी बड़े नेता के नाम से ब्लू टिक हटा दिया हो. पिछले महीने ट्विटर ने उप राष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू के निजी ट्विटर हैंडल से ब्लू टिक हटा दिया था. इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक प्रमुख मोहन भागवत, संघ के पूर्व सरकार्यवाह भैयाजी जोशी (सुरेश जोशी), पूर्व सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी और सर कार्यवाह अरुण कुमार के अकाउंट को ट्विटर ने अनवेरिफाइड कर दिया था. हालांकि बाद में इन सबको ब्लू टिक वापस कर दिए गए थे.

नए अधिकारी की नियुक्ति

सरकार के साथ तनाव के बीच ट्विटर ने भारत के लिए शिकायत अधिकारी पद पर भारत के ही निवासी विनय प्रकाश को नियुक्त किया है. कुछ दिन प़हले ही कंपनी ने मुख्य अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति की थी. भारत में नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों का अनुपालन करने में विफल रहने की वजह से ट्विटर लगातार विवादों के घेरे में है