जेएएच के कैदी वार्ड में सोता रह गया जेल प्रहरी, हथकडी सरका कर बिस्तर पर डमी रख कर भाग गया कैदी
ग्वालियर चंबल के सबसे बड़े अस्पताल जेएएच के कैदी वार्ड से एक कैदी भाग गया, उसने हथकड़ी सरका कर निकल दी। बिस्तर पर कंबल और तकिए से डमी बना दी इससे लोगों को लगे कि वह सो रहा है। कैदी भाग गया और वार्ड के बाहर सो रहे प्रहरी को पता ही नहीं चला। कैदी दुष्कर्म और अपहरण मामले में सजा काट रहा था। यही बंदी ठीक 3 महीने पहले जेएएच के इसी वार्ड से हथकड़ी सरका कर फरार हुआ था तब भी पत्नी पास सो रही थी और बाहर दो प्रहरी गहरी नींद में थे। एक ही जगह से एक ही तरह से दो बार बंदी के भागने पर कई सवाल खड़े हो रहे है, वहीं जेल प्रहरी को सस्पेंड कर दिया गया है।
सागर निवासी 37 वर्षीय मोहन पुत्र कल्लू अहिरवार को दुष्कर्म और अपहरण के मामले में सजा हुई थी उसे टीबी की गंभीर बीमारी है अभी वह ग्वालियर केन्द्रीय जेल में बंद था, उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे कुछ दिन पहले जेएएच लाया गया था जहां उसको हर दिन खून की उल्टी हो रही थी। शुक्रवार रात 12 से शनिवार सुबह 6 बजे तक जेल प्रहरी पंकज अग्रवाल जेएएच के बंदी वार्ड के बाहर पहरा दे रहा था। अंदर बंदी मोहन भर्ती था। देखभाल के लिए पास ही बंदी की मां और पत्नी भी सो रही थी।
बंधी ने हथकड़ी को सरकाया और भाग गया
रात 3 बजे तक जेल प्रहरी ने मोहन को सोता हुआ देखा इसके बाद प्रहरी की झपकी लग गई। इसी समय बंदी मोहन ने अपने हाथ पर बंधी हथकड़ी को सरकाया और भाग गया। पकड़ा न जाए इसके लिए बिस्तर पर तकिया और चादर की डमी बनाकर रख गया। घटना की पता सुबह उस समय चला जब जेल प्रहरी पंकज की नींद खुली। बंदी के भागाने की सूचना से हंगामा मच गया। जेल अधीक्षक मनोज साहू मौके पर पहुंच गए और उन्होंने जेल प्रहरी पंकज को तत्काल सस्पेंड कर दिया साथ ही सिर्फ एक ही प्रहरी की ड्यूटी लगाने पर अफसरों को फटकार लगाई है।