देवेन्द्र चौरसिया हत्याकांड : सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने कहा-गोविंद सिंह परिहार की गिरफ्तारी का प्रयास जारी

दमोह के कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड केस की आज भी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई. इस मामले में सरकार ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा. सरकार ने कहा कि इस केस का मुख्य आरोपी गोविंद सिंह परिहार अभी पकड़ में नहीं आया है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है.

दमोह के कांग्रेस नेता देवेन्द्र चौरसिया की लोकसभा चुनाव से कुछ समय पहले मार्च 2019 में हत्या कर दी गयी थी. चौरसिया बीएसपी में थे लेकिन कुछ दिन पहले ही पार्टी छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए थे. उनकी हत्या का आरोप दमोह की पथरिया विधानसभा सीट से बीएसपी विधायक राम बाई के पति गोविंद सिंह परिहार, उनके देवर और परिवार के अन्य सदस्यों पर लगा. गोविंद सिंह दो साल से फरार है.

सरकार ने रखा अपना पक्ष

इस केस की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है. शुक्रवार को मध्य प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा गया इस मामले में मुख्य आरोपी गोविंद सिंह को अभी नहीं पकड़ा गया है. उसकी तलाश में पुलिस ने कई टीम बनायी हैं जो कई जगह छापे मार रही है. सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश पुलिस को मामले से जुड़े आरोपी को जल्द पकड़ने का आदेश दिया. साथ ही मध्य प्रदेश पुलिस से हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा.


सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को लगायी थी फटकार देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड की पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार और पुलिस की फटकार लगायी थी. आरोपी बसपा विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह की गिरफ्तारी नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराज़गी जताते हुए कहा था कि मध्य प्रदेश में जंगल राज जैसे हालात हैं.

रामबाई का पैंतरा

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद गोविंद सिंह की गिरफ्तारी के लिए ATS चीफ विपिन माहेश्वरी ने पुलिस बल सहित दमोह में डेरा डाल दिया था. पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया. गिरफ्तारी के लिए बढ़ते दवाब के बीच बीएसपी विधायक रामबाई ने इस केस की सीबीआई जांच की मांग उठा दी थी. साथ ही कहा था कि अगर उनका पति गोविंद सिंह या परिवार का कोई सदस्य दोषी पाया गया तो वो उसे खुद फांसी पर लटका देंगी.