तिघरा क्षेत्र को टूरिज्म के क्षेत्र में विशेष पहचान दिलाने के लिए एमपी टूरिज्म ने तैयारियां शुरू की, मगर कुंड तैयार, सैलानियों को मिलेगी आईलैंड की सौगात
ग्वालियर. तिघरा क्षेत्र को टूरिज्म के क्षेत्र में विशेष पहचान दिलाने के लिए एमपी टूरिज्म ने तेयारियंा शुरू कर दी है जिसके अंतर्गत क्षेत्र में एक नहीं कई सौगातों को मूर्तरूप देने के लिए काम हो रहा है। विकास से जुड़े कार्य तिघरा के मुख्य द्वार से लेकर नलकेश्वर तक किए जा रहे है। क्षेत्र में मगर कुंड बनाकर तैयार कर दिया है, यह तिघरा डेम से 6 किलोमीटर दूर स्थि है। कुंड चंबल नदी से मिला हुआ है जिसमें से मगर भी आ चुके है। मगरों को कुंड बाहर दिन के समय धूप सेकते हुए देखा जा सकता है। अगर कोई सैलानी कुंड के समीप पहुंचना चाहता है उसे दो हजार रुपये टिकट देना होगा।
नकलेश्वर क्षेत्र में आईलैंड बनाने की योजना पर भी काम चल रहा
विभागीय अधिकारियों की मानें तो डेम के पास नकलेश्वर क्षेत्र में आईलैंड बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है। विशेष कार्य सुरक्षा पर किया जाएगा। आईलैंड पर पहुंचर शहरवासी शादी, पार्टी के साथ सैर-सपाटा भी कर सकेंगे। अधिकारियों का कहना है कि तिघरा क्षेत्र में कई टापू है जो पानी कम होने पर ही नजर आते है इन्हें ही आईलैंड में तब्दील किया जा रहा है। पहले चरण में 8 से 10 किलोमीटर क्षेत्र को आईलैंड के रूप में विकसित किया जा सकता है। यहां पहुंचने वाले सैलानियों को कई सुविधाएं दी जाएंगी जिनी पर एमपी टूरिज्म का काम चल रहा है।
मिनी क्रूज में एक साथ 30 सैलानी बैठ सकेंगे
वहीं एमपीटीबी के एडवाइजर राजेंद्र निगम ने बताया कि नकलेश्वर क्षेत्र में बनाए जा रहे आइलैंड तक पहुंच मार्ग को सुगम बनाने के लिए मिनी क्रूज कैटामैरान स्टाइल तैयार की जा रहा है जिसमें सवार होकर सैलानी आइलैंड पर सिर्फ 10 मिनट में पहुंच सकेंगे। मिनी क्रूज में एक साथ 30 सैलानी बैठ सकेंगे। पूरा कार्य वाटर स्पाट को और भी समृद्ध करने के लिए किया जा रहा है। यहां सिर्फ देशी सैलानी पहुंचते है और पूरे साल में तिघरा क्षेत्र में दस्तक देने वाले विदेशी सैलानियों की संख्या कुछ ही रहती है। कैटामैरान स्टाइल में बैठने से पहले हर सैलानी को लाइव जैकेट पहनाई जाएगी। पानी की लहरों को चीरते ही इसमें म्यूजिक आन कर दिया जाएगा इसके साथ 4 पैडल बोट को भी अटैच किया जाएगा जिन्हें तैयार करने में 30 लाख रुपये की लागत आ रही है। कैटामैरान स्टाइल से आइलैंड तक पहुंचने का टिकट 4 हजार रुपये रहेगा। इसमें सैर करने वालों के लिए फूड व्यवस्था भी जाएगी। कैटामैरान स्टाइल में ही एक फूड काउंटर भी बनाया जाएगा। यह सौगात शहरवासियों के फरवरी के अंत तक मिल जाएगी। खास बात यह है कि क्षेत्र के विकसित होने से आसपास रहने वाले लोगों को रोजगार मिल सकेगा इसके अलावा तिघरा क्षेत्र में होम स्टे का भी प्लान किया जा रहा है।