घुसपैठ बढ़ाने को LoC पर रोबोटिक हथियारों को इस्तेमाल करेगा पाकिस्तान!
घाटी में भारतीय सेना के द्वारा आतंकियों के खिलाफ जारी ऑपरेशन से पाकिस्तान में बैठे उनके आका बौखला गए हैं. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI और आतंकी संगठन इसी बौखलाहट में आकर अब भारत-पाकिस्तान बॉर्डर की लाइन ऑफ कंट्रोल पर ऐसे हथियारों को तैनात किया जा रहा है, जिसमें पाकिस्तानी सेना और आतंकियों का कोई लेना-देना नहीं होगा. यहां पर पाकिस्तान की ओर से रिमोट से चलने वाले वेपन सिस्टम को तैनात किया जा सकता है.
पाक खुफिया एजेंसी ISI और उसकी आर्मी ने रोबोटिक हथियारों को लाइन आफ कंट्रोल यानी एलओसी के उस पार लगाने का एक बड़ा प्लान तैयार किया है. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान के इस प्लान को डिकोड किया है, जिसके मुताबिक पाकिस्तान आने वाले दिनों में भारी संख्या में 12.7 रिमोट कंट्रोल से चलने वाले वेपन सिस्टम को तुर्की से खरीद रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, इन खरीदे हुए रिमोट कंट्रोल वेपन सिस्टम को पाक खुफिया एजेंसी ISI और आर्मी बॉर्डर के उन जगहों पर लगा सकता है जहां से वह आतंकी घुसपैठ कराने के लिए वह नदी-नालों का इस्तेमाल करता है.
दरअसल, आतंकी घुसपैठ के दौरान लाइन ऑफ कंट्रोल पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इतनी चौकसी बरत रही हैं कि जब भी लश्कर, जैश और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी भारत में घुसपैठ करने की कोशिश करते हैं तो भारतीय सुरक्षा एजेंसियां उनको वहीं पर ढेर कर देती हैं.
आतंकियों को तो भारतीय सुरक्षा एजेंसियां यहां मारती ही हैं साथ ही जिन आतंकवादियों को घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तान की मुजाहिद बटालियन और स्पेशल सर्विस ग्रुप उनके साथ मौजूद रहती हैं, सुरक्षा एजेंसियां उनको भी निशाना बनाती हैं. यही वजह है कि अब पाकिस्तान डर कर ऐसे हथियारों को सरहद पर लगाने का प्लान कर रहा है जिसमें ना तो उसकी सेना होगी और न ही कोई आतंकी समूह.
सूत्रों ने बताया है कि रिमोट से चलने वाले इस रोबोटिक हथियार के जरिये दिन और रात दोनों में फायरिंग कर सकता है. जानकारी के मुताबिक, यह रोबोटिक हथियार रात और दिन दोनों में बिना किसी सैनिक के फायर कर सकता है. आतंकी घुसपैठ के दौरान रात में लोकेशन डिटेक्ट और सीधे टारगेट पर फायर करने वाले इस हथियार का इस्तेमाल आतंकी चुपचाप घुसपैठ करने में बड़े स्तर पर कर सकते हैं. गौरतलब है कि इससे पहले "सेटेलाइट गाइडेड मोर्टार" के इस्तेमाल की जानकारी आई थी.
आपको बता दें कि आजतक ने सबसे पहले ये जानकारी दी थी कि पाक खुफिया एजेंसी ISI लाइन ऑफ कंट्रोल के उसपार यानी पाक अधिकृत कश्मीर में किस तरीके से कई जगहों पर भारतीय सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए सेटेलाइट गाईडेड मोर्टार को लगाने में जुटा हुआ हैं.
गौरतलब है कि इस तरीके के मोर्टार का इस्तेमाल पहले पाक आर्मी ने कभी नहीं किया है. ये सेटेलाइट गाइडेड मोर्टार भारतीय सुरक्षा बलों के बंकर को निशाना बना सकते हैं. सेटेलाइट गाईडेड मोर्टार का इस्तेमाल चीन, सिंगापुर और अमेरिका जैसे देश करते हैं.
पाकिस्तान अब इसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ भी कर सकता है. इन मोर्टार की टेक्नोलॉजी कुछ यूरोपियन देशों के साथ-साथ चीन के पास भी मौजूद है. हालांकि, चीन में बने मोर्टार की ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है.
पाकिस्तान ने इस साल फरवरी के महीने में भारत के सुरक्षा बलों पर हमला करने के लिए एन्टी टैंक गाईडेड मिसाइल (ATGM) का प्रयोग किया था. पाकिस्तान ने कई बार भारतीय सुरक्षा बलों पर लाइन ऑफ कंट्रोल के उस पार से हमला करने के लिए 120 एमएम मोर्टार का इस्तेमाल किया.