शूटबूट में कलेक्टोरेट पहुंचा, नाम एम शाक्य बताया, किया पुलिस के हवाले

ग्वालियर. शुक्रवार को एक युवक बैग लेकर और शूटबूट में कलेक्टोरेट पहुंचा। वहां जाकर कलेक्टर के स्टेनो को बताया कि कलेक्टर पद पर ज्वाइनिंग देने आया है। वह 2020 बेच का है और उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति ने की। उसने अपना नाम एम शाक्य बताया। इतना सुनते ही पहले तो स्टेनो सकते में आ गए। बाद में मामला समझते हुए उन्होंने बात करना जारी रखा और पुलिस को बुला लिया। इसके बाद युवक को पुलिस के हवाले कर दिया। युवक स्कूटर से कलेक्टोरेट आया था। हलांकि अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि युवक कहां का है और कहां से आया है । पुलिस युवक को अपने साथ ले गई और अब उससे पूछताछ कर रही है। पूछताछ के बाद ही मामले का पूरा खुलासा होगा। जैसे ही कलेक्टोरेट के अन्य कर्मचारियों को फर्जी कलेक्टर की बात पता चली तो वे कलेक्टर कार्यालय के सामने एकत्रित हो गए।

यह था मामला
शुक्रवार दोपहर को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह कार्यालय से बाहर एक दौरे में व्यस्त थे। उनके स्टेनो अभिषेक तिवारी और विद्यासागर जायसवाल बैठे हुए थे। इसी बीच युवक हाथ में बैग लिए स्टेनो कक्ष में आया और बोला मुझे ग्वालियर कलेक्टर पद पर ज्वाइन करना है,ज्वाइन करवाइए। मेरा चैंबर कहां है। यह सुन स्टाफ चौंक गया और बैठाते हुए नियुक्ति पत्र मांगा तो उसने कहा राष्ट्रपति के यहां से नियुक्ति हुई है, पत्र नहीं है। उसने चैंबर और नेमप्लेट भी पूछी। इसके बाद कलेक्ट्रेट के सुरक्षाबल ने गार्डों को बुलाया और पुलिस को सूचना दी। थाने से एएसआइ भूपेंद्र कटारे बाइक से कलेक्ट्रेट पहुंचे। युवक स्कूटर क्रं एमपी07 एसएम 0679 से आया था। एएसआई ने युवक को स्कूटर से पीछे आने को कहा लेकिन वह कुछ दूरी पर चलने के बाद स्कूटर से भाग गया।