सफाई के दौरान मुरैना किले में मिले तोप के गोले

मुरैना. मुरैना के सुमावली कस्बे में मुगलकालीन तोप के गोले मिले हैं। गोलों की संख्या दो है। दोनों गोले 3 से 4 किलो वजन के हैं। यह गोले किले की सफाई के दौरान वहां मौजूद दरगाह के पुजारी को मिले हैं। पुजारी ने इसकी जानकारी पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को दे दी है। बता दें, कि सुमावली का किला राजा सोमप्रताप सिंह द्वारा बनवाया गया था। बनवाते समय इसमें किसी बड़े दुर्ग की तरह ही सभी तरह की सुविधाएं दी गई थीं। जैसे कुआं, बावड़ी, तलघर, गोला बारूद रखने के स्थान, दीवार में हथियार से मार करने की जगहें, चारों कोनों पर गुज्ज गढ़ी के चारों तरफ 15 फीट चौंड़ी एवं 20 फीट गहरी खाई भी बनी हुई है। बाद में यह किला मुगलिया सल्तनत के अधीन आ गया तथा यहां मुगलों का अधिकार हो गया था। तोप के जो गोले मिले हैं वह मुगलिया सल्तनत के समय के ही हैं।

सोमप्रताप के नाम पर पड़ा सुमावली नाम
मुरैना जिले के इस कस्बे का नाम सुमावली राजा सोमप्रताप के नाम पर ही पड़ा है। राजा सोमप्रताप ने ही इस कस्बे का निर्माण कराया था तथा इस किले को बनवाया था।

किले पर बने मंदिर व मजार
किले एवं गढ़ी के ऊपर हिन्दू धर्म के मंदिर बने हैं। यहां राधा-कृष्ण, शिव परिवार व हनुमानजी का मंदिर है। मुगलकाल में मजार का निर्माण किया गया तथा यह मजार भी वहीं स्थित है। लोगों की माने तो राजा सोमप्रताप सिंह सभी धर्मों का सम्मान करते थे।