ग्वालियर के एक घर में बन रहे थे देसी बम, तहसीलदार ने कराई रेकी, टीआइ बने ग्राहक

ग्वालियर. मुरैना में पटाखों के कारण हुए भीषण हादसे के बाद सबक लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने शहर-देहात में कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर ने इस मामले में एसडीएम व सीएसपी को जिम्मा सौंपा है। इसके चलते शुक्रवार को जिला प्रशासन की टीम ने पुलिस के साथ मिलकर हुजरात कोतवाली क्षेत्र की तेजेंद्रनाथ की गली में मकान से अवैध आतिशबाजी का कारोबार पकड़ा। यह रिहायशी घना इलाका है और बड़ा हादसा कभी भी हो सकता था। इंदरगंज इलाके में खल्लासीपुरा में भी घर से ही आतिशबाजी की बिक्री की जा रही थी जिसमें टीआइ ने ग्राहक बनकर आतिशबाजी खरीदी। दोपहर से शुरू हुई कार्रवाई रात तक जारी रही। तहसीलदार ने सूचना के आधार पर रेकी भी कराई थी।

तहसीलदार शुभ्रता त्रिपाठी ने बताया कि दो जगह अवैध आतिशबाजी का कारोबार होने की सूचना मिली थी जिसके आधार पर पहले रेकी कराई गई। हुजरात कोतवाली स्थित तेंजेंद्रनाथ की गली में अशोक राठौर का मकान है जहां अशोक राठौर व उनके परिवार में माया राठौर व अमित राठौर सहित पांच के आतिशबाजी लाइसेंस हैं। यहां लाइसेंसी आतिशबाजी के साथ अवैध देसी बम मिले जो यहीं तैयार किए जा रहे थे। 17 थैली अवैध देसी बम मिले जिसमें एक थैली में 100 बम हैं। घर में दो गर्भवती महिलांए भी हैं और कभी भी आतिशबाजी में लापरवाही के कारण ब्लास्ट हो सकता था। पूरी आतिशबाजी को जब्त कर लाइसेंस निरस्ती के लिए तहसीलदार शुभ्रता त्रिपाठी ने प्रतिवेदन भेज दिया। वहीं पुलिस में प्रकरण दर्ज करने के लिए मामला सौंपा। अशोक राठौर के गोदाम का भी रात को पता चला जिसे देर रात तक खुलवाया जा रहा था।
टीआइ ने खरीदे 800 रूपए के पटाखे फिर दबिश
तहसीलदार शुभ्रता त्रिपाठी के साथ इंदरगंज टीआई अनिल भदौरिया भी खल्लासीपुरा पहुंचे। यहां पहले टीआइ सिविल ड्रेस में मकान पर पहुंचे अौर एक महिला व बच्ची आई जिससे पटाखे मांगे। बच्ची ने कहा कि शादी वाले पटाखे नहीं मिलते हैं तो टीआइ ने कहा कि दीपावली वाले ही चाहिए। इसपर आठ सौ रूपए के दो डिब्बे पटाखों के दिए। इसके बाद अधिकारियों ने दबिश दी और यहां पौन किलो लगभग बारूद मिली जिसमें अगर ब्लास्ट हो जाता तो आसपास तक के मकान उड़ जाते। यहां पोटाश व अन्य उपकरण भी मिले। वहीं पुरानी छावनी क्षेत्र में पुलिस ने दो बोरे आतिशबाजी पकड़ी है जिसमें पोटाश का उपयोग कर पटाखे बनाए गए थे।