डायबिटीज हो सकती जड़ से खत्म, सुबह उठकर पैदल चले, योगा करें-डॉ. अनूप मिश्रा
उज्जैन. डायबिटिक लोगों को इससे मुक्त करने के लिये लीवर और पेनक्रियाज को चर्बी से मुक्त किया जाये और शोध से यह साबित हुआ है कि शरीर के इन दोनों हिस्सों से चर्बी निकाल दी जाये तो डायबिटीज को रिवर्स किया जा सकता है। इस दिशा में तेजी से शोध कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि रिसर्च सोसायटी एंड स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया देश को 10 वर्षो में डायबिटीज मुक्त के प्लान पर काम कर रही है। शोध किये जा रहे है तो जीवन शैली में बदलाव की आवश्यकता है। हम सरकार को प्रस्ताव देंगे कि स्कूलों में 10 वर्षो की उम्र में बच्चों से ही लाइफ स्टाइल की शिक्षा शुरू की जाये।
बच्चों को इस आयु से ही बीमारियों को लेकर अवेयर करना होगा। 15 की आयु के बाद खतरा शुरू हो जाता है। ऐसा बताना होगा कि कैसा भोजन करें, शरीर को स्वस्थ्य कैसे रखें। इस प्रक्रिया में अध्यापकों के साथ डॉक्टर्स और पालकों की भागीदारी जरूरी होगी। नयी रिसर्च के बारे में डॉ. मिश्रा ने बताया कि अब एलोपैथी में शुगर की जो दवाईयां उपलब्ध है। उनमें खास विशेषाता यह है कि इन दवाईयों का उपयोग करने से मरीज की शुगर कम होगी। उसका वनज नहीं बढ़ेगा। दवाईयों से हार्ट व किडनी से संबंधित बीमारी नहीं होगी। रिसर्च सोसायटी एंड स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया मप्र की आयोजन समिति के चेयरमैन डॉ. विजय गर्ग ने बताया एलोपैथी में नयी दवाईयों के उपयोग से दूसरे इफेक्ट नहीं आयेंगे। जिसमें मरीजों को शुगर लेवल बना रहेगा। हार्ट व किडनी प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने कहा है कि दिनचर्या में बदलाव करना होगा। युवाओं को 4 घंटे से लम्बी सिटिंग नहीं रखना है। आयोजन समिति के आशीष शर्मा, विमलेश पाटीदार ने बताया नयी रिसर्च शुगर की रोकथाम व नये तथा प्री-डायबिटीक मरीजों की केयर पर मंचन हुआ है जिसका लाभ देशभर के मरीजों को मिल सकेगा। यह जानकारी पद्मश्री डॉ. अनूप मिश्रा ने बताया है।
यह फार्मूला… डायबिटीज से मुक्त हो सकते हैं मरीज
फार्मूला एक – समय पर और प्रॉपर इलाज करवाना होगा। शेड्यूल के तहत दवाइयां लेना होगी।
फार्मूला दो- जीवनशैली बदला होगी, जिसमें पैदल चलना, अधिकांश कार्य खुद करना व गिल्ली-डंडा या कबड्डी जैसे खेल खेलना होंगे। सुबह जल्दी उठना और नियमित रूप से योग व व्यायाम जरूरी।
युवाओं को 4 घंटे से ज्यादा सिटिंग नहीं करना चाहिए- डॉ. जोशी
अब एलोपैथी चिकित्सा में डायबिटीज के मरीजों को लाइफ टाइम तक बीमारी से जूझना नहीं पड़ेगा। प्रभावी दवाइयों के सेवन से खासकर युवा मरीज शुगर से मुक्त हो सकते हैं। इसके लिए उन्हें 6 से 8 माह तक दवाइयां खाना होगी और साथ ही पुरानी लाइफ स्टाइल में लौटना पड़ेगा। आयुर्वेद के बाद अब एलोपैथी में इस तरह की दवाइयां उपलब्ध होने से मरीजों को लंबे समय तक दवाइयों का उपयोग भी नहीं करना पड़ेगा और वे शुगर से मुक्त भी हो सकते हैं। मुंबई के डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. शशांक जोशी ने करीब 520 मरीजों का नई दवाइयों से मरीजों का इलाज किया है। इनमें से करीब 211 मरीजों पर इलाज प्रभावी रहा है और मरीज पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। एशिया के प्रमुख डायबिटीज विशेषज्ञ पद्मश्री डाॅ. अनूप मिश्रा व डॉ.शशांक जोशी सहित अन्य विशेषज्ञों ने डायबिटीज को देश में 10 साल में जड़ से खत्म करने का प्लान रखा।