दूध के मिलावटी कारोबार पर कोर्ट ने जताई चिंता, कहा कि डेयरियों में जाकर लें नमूने

ग्वालियर. हाई कोर्ट की युगल पीठ ने ग्वालियर-चंबल संभाग में दूध से बने उत्पादों में की जा रही मिलावट पर चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने कहा कि दूध से बने उत्पाद बनाने वाली कंपनी व डेयरियों पर जाकर सैंपल लें। इसके लिए अतिरिक्त महाधिवक्ता एमपीएस रघुवंशी को निर्देशित किया है। उमेश कुमार बोहरे ने हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि अंचल में मिलावट का रोबार नहीं रुका है। लगातार मिलावट जारी है। जो रिपोर्ट पेश वह सही नहीं है। तथ्यों को नहीं बताया जा रहा है। इसलिए कार्रवाई की जाए। पहले 10 हजार लीटर मिलावटी दूध बनता था, अब 20 हजार लीटर मिलावटी दूध बनने लगा है। मुरैना से देश के अलग-अलग हिस्सों में मिलावटी दूध के उत्पादों को भेजा जा रहा है।

त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों ने नकली मावा की सप्लाई शुरू कर दी है। भिंड और मुरैना से सबसे ज्यादा ऐसे उत्पादों की खेप भेजी जा रही है। गुरूवार को प्रशासन को मिली सूचना के आधार पर मोर बाजार में सड़क पर रखा 20 डलिया मावा पकड़ा गया। यह मावा भिंड के मेहगांव से अलग अलग डेयरियों से एकत्रित कर जुटाया गया था और यहां तीन मावा कारोबारियों ने यह मंगवाया था। सुबह छह बजे से खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम निगरानी कर रही थी। मावा के जब सैंपल लिए गए तो इसमें से तेल जैसी दुर्गंध भी आ रही थी। मावा के सैंपल लेकर मावा कारोबारियों के यहां सुरक्षित रखवा दिया गया है। अब टीम ने सर्विलांस बढ़ा दिया है।