UP Chunav 2022: चाय वाला पीएम तो अखबार वाला भी बन सकता है विधायक, मेरठ के धर्मराजन ने इस सीट से ठोकी ताल

मेरठ. प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Elections 2022) के तहत कई निराले रंग देखने को मिल रहे हैं. शहर में एक अनोखा मामला सामने आया है जहां एक मज़दूर विधायक बनना चाहता है. इसके लिए वह नामांकन पत्र लेने पहुंचा तो यह चर्चा का विषय बन गया. चुनाव लड़ने के लिए रुपयों को लेकर उसका कहना है कि वे चंदा लेकर चुनाव लड़ेगा. आइए आपको पूरा मामला बताते हैं.

बांटते हैं अखबार

धर्मराज नाम का यह शख्स पिछले 25 सालों से अखबार बांटने का काम कर रहे हैं. साथ ही एक पार्टी के सदस्य भी हैं. अब उनका कहना है कि जब एक चाय वाला पीएम बन सकता है तो अखबार वाला विधायक क्यों नहीं बन सकता. धर्मराज का कहना है कि वो चुनाव लड़ेंगे चाहे इसके लिए उन्हें घर-घर जाकर चंदा ही क्यों न इकट्ठा करना पड़े. धर्मराज विधानसभा में सर्वसमाज की आवाज बुलंद करना चाहते हैं. पीएम मोदी को रोल मॉडल मानकर धर्मराज राजनीति में डंका बजाना चाहते हैं. धर्मराज का कहना है कि वो इससे पहले सभासद का चुनाव लड़ चुके हैं. अब बारी विधायकी के चुनाव की है. धर्मराज मेरठ कैंट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहते हैं.

हर व्यक्ति मजदूर ही है

पच्चीस साल तक लोगों को अखबार बांटने वाले धर्मराज एक पार्टी के सदस्य हैं. उनकी पार्टी का नाम स्वतंत्र जनताराज पार्टी है. धर्मराज का कहना है हर व्यक्ति मज़दूर हैं. जो भी काम करता है वो मज़दूर है. जनता अगर सहयोग करती है तो मज़दूर भी विधानसभा पहुंच सकता है. वो कहते हैं कि चुनाव प्रचार वो पैदल चलकर करते हैं. फॉर्म जरुर अपने पैसे से लिया है लेकिन बाकी सब जनता का ही आशीर्वाद रहेगा. वो कहते हैं कि झूले का निशान चुनाव चिन्ह अगर उन्हें मिलता है तो वो उसी से लड़ेंगे और जीतेंगे.

रुपयों की चमक दमक नहीं होगी

धर्मराज का कहना है कि कई हाईवे के लिए कहा जाता है कि सिर्फ फोर व्हीलर वाले ही चलेंगे टू व्हीलर वाले नहीं चलेंगे तो फिर गरीब कहां जाएगा. पीएम मोदी को आदर्श मानने वाले धर्मराज कहते हैं कि अन्य पार्टियां पैसे की चमक दमक दिखलाएंगे और वो गरीबों के घर-घर जाकर वोट मांगेंगे. गौरतलब है कि अलग अलग राजनीतिक पार्टियों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र लिए हैं.