UP: माफिया MLC बृजेश सिंह को लगा झटका, नहीं मिली शीतकालीन सत्र में भाग लेने की अनुमति

प्रयागराज. प्रयागराज (Prayagraj) की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (MP-MLA Special Court) ने एमएलसी बृजेश सिंह (MLC Brijesh Singh) को विधान परिषद के शीतकालीन सत्र में भाग लेने की अनुमति नहीं दी और विधायक द्वारा प्रस्तुत अर्जी खारिज कर दी. कोर्ट ने उच्च न्यायालय की विधि व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा है कि यदि कोई विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य किसी आपराधिक मामले में निरुद्ध है तो उसे सदन की कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार नहीं है.

यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज डॉ. दिनेश चंद्र शुक्ला ने डीजीसी जीसी अग्रहरि और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार वैश्य को सुन कर दिया है. जनपद गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में हत्या और जानलेवा हमला के मामले में विधान परिषद सदस्यबृजेश सिंह केंद्रीय कारागार वाराणसी में निरुद्ध है. बृजेश सिंह की ओर से स्पेशल कोर्ट में अर्जी देखकर याचना की गई कि विधान परिषद सत्र में उन्हें भाग लेने की अनुमति दी जाए.

प्रार्थना पत्र के साथ उन्होंने विधान परिषद के आवाहन पत्र को भी संलग्न किया था. अभियोजन पक्ष ने प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कहा कि बंदी बृजेश सिंह के जीवन को खतरा हो सकता है और वह पुलिस अभिरक्षा से भाग भी सकते हैं. स्पेशल कोर्ट ने कहा कि विधि व्यवस्था के आलोक में विधान परिषद में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती और बृजेश सिंह की अर्जी को खारिज कर दिया. दरअसल बृजेश सिंह ने वाराणसी जेल के अधीक्षक के जरिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र भेजकर अनुमति मांगी थी.

विपक्ष ने सरकार के खिलाफ सड़क पर खोला मोर्चा

बता दें कि उत्तर प्रदेश विधानमंडल का शीतकालीन सत्र के पहले दिन 15 दिसंबर यानी बुधवार को दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों ने सरकार के खिलाफ सड़क पर मोर्चा खोला. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र ‘टेनी’ की बर्खास्तगी, महंगाई, बेरोजगारी व प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा. समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधान भवन परिसर के बाहर सड़क पर प्रदर्शन और नारेबाजी की. वहीं कांग्रेस के विधायकों ने केंद्रीय गृह राज्य की बर्खास्तगी की मांग करते हुए हजरतगंज के जीपीओ पार्क से विधान भवन तक पैदल मार्च किया.