UP Assembly Election: कांग्रेस का BJP पर हमला, कहा- अमेठी में हर एक-एक कर बंद हो रही परियोजनाएं
अमेठी. अमेठी में विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस और भाजपा में जुबानी जंग तेज हो गई है. 66 किलोमीटर लंबे ऊंचाहार अमेठी रेल लाइन परियोजना निरस्त होने के बाद अमेठी में सियासत गर्मा गई है. इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह ने मंगलवार को स्मृति ईरानी पर बड़ा हमला बोला. एमएलसी ने कहा कि इस परियोजना के निरस्त होने की पूरी जिम्मेदार केंंद्रीय मंत्री पर जाती है. राहुल के सांसद रहते अमेठी में विकास की बड़ी परियोजनाओं पर काम होता था. आज एक-एक कर परियोजनाओं को बंद किया जा रहा है. शहर स्थित कांग्रेस के केंद्रीय कार्यालय में मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर विकास के बजाय अमेठी का विनाश करने का आरोप मढ़ा.
दीपक ने कहा कि 66 किलोमीटर लंबे ऊंचाहार अमेठी रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ने वर्ष 2013 में दी थी. इसके लिए 965 करोड़ रुपये का प्रारंभिक बजट आवंटित कर तत्कालीन रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खडग़े ने इसका शुभारंभ भी किया था. बाद में आई भाजपा सरकार के तत्कालीन रेल मंत्री ने वर्ष 2015 में इसे लेकर उठाए गए तारांकित प्रश्न के उत्तर में परियोजना के स्वीकृत होने व बजट आवंटित होने की बात स्वीकार की थी. कहा था कि रेल लाइन की भूमि के नक्शे के लिए राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है जिससे मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाए. आज उसी परियोजना को उस कैबिनेट ने निरस्त कर दिया जिसकी सदस्य अमेठी सांसद भी हैं. ऐसा करके स्मृति ने अमेठी के लोगों को ठगने का काम किया है.
अमेठीवासियों को सांसद स्मृति दें जवाव
कांग्रेस एमएएलसी दीपक सिंह ने कहा कि अमेठी के लोग स्मृति से जानना चाहते हैं कि यह परियोजना किसके कहने पर निरस्त की गई. जब रेल लाइन स्वीकृत थी, धन आवंटित था तो अमेठी- रायबरेली के विकास को बाधित क्यों किया गया? इस परियोजना पर काम होता तो अमेठी जिला रायबरेली के महत्वपूर्ण हिस्से के साथ रेल ट्रैक के माध्यम से जौनपुर से भी जुड़ता. लोगों को रोजगार मिलता. स्मृति अमेठी के विकास को कब तक बाधित करेंगी?
अमेठी से कई परियोजनाएं और भी हुईं वापस
दीपक सिंह ने कहा कि मंत्री स्मृति ईरानी के 2014 में केंद्रीय मंत्री बनने के बाद से अब तक जगदीशपुर में स्वीकृत व शुभारंभ हो चुका मेगा फूड पार्क, उतेलवा में स्वीकृत पेपर मिल (10 हजार लोगों को मिलता रोजगार), मालविका स्टील प्लांट व टीकरमाफी में संचालित आईआईआईटी को बंद किया जा चुका है. यह सभी परियोजनाएं न सिर्फ अमेठी को विश्व पटल पर पहचान देतीं बल्कि यहां के हजारों लोगों को परोक्ष- अपरोक्ष रोजगार भी मिलता.
राहुल गांधी थे अमेठी के हितैशी
एमएलसी दीपक सिंह ने कहा कि राहुल गांधी के सांसद रहते अमेठी में हर साल पीएमजीएसवाई की 100 सड़कें बनती थीं. इसके साथ ही अमेठी में राष्ट्रीय राजमार्ग, अस्पताल याइंस्टीट्यूट के साथ बड़ा उद्योग खोला जाता था. यह परियोजनाएं अमेठी को मजबूती देती थीं. उस समय कई अन्य राज्यों के सांसद भी अपनी निधि अमेठी के विकास पर खर्च करते थे.
जल्द करेंगे पदयात्रा
दीपक सिंह ने मीडिया से बताया कि वो इस मामले को सदन में उठाएंगे. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद ऊंचाहार से अमेठी तक पदायात्रा निकाल कर अमेठी के लोगों से पूछेंगे कि क्या अमेठी को ऐसा ही सांसद चाहिए? जिसके कार्यकाल में अमेठी में पहले से संचालित या स्वीकृत परियोजनाएं बंद या वापस हो जाएं.