बस्ती: डॉक्टर के प्यार में धोखा खाई प्रेमिका बेच रही सब्जी, जानिए पूरा मामला

बस्ती. उत्तर प्रदेश के बस्ती मेडिकल कॉलेज (Basti Medical College) में तैनात डॉक्टर जीडी यादव को 5 साल पहले मिर्जापुर (Mirzapur) की साधना सिंह से प्यार हुआ. पहली मुलाकात के बाद प्यार परवान चढ़ा और प्रेमिका सब कुछ छोड़ कर डॉक्टर के पास आ गई. डॉक्टर ने शादी और नौकरी का लालच देकर लड़की को अपने जाल में फंसा लिया. अब 5 साल बाद डॉक्टर ने न तो शादी की न ही प्रेमिका को नौकरी दिलवाई. घर का खर्च भी बंद कर दिया. मजबूरन अपना और बच्चे का पेट पालने के लिए डॉक्टर की प्रेमिका सब्जी बेचने को मजबूर है.

बस्ती मेडिकल कॉलेज के कैली हॉस्पिटल में तैनात डॉक्टर जीडी यादव पर उनकी प्रेमिका साधना ने प्रताड़ित करने का आरोप लगाए हैं. यहां तक कि खाने-पीने का सामान तक बंद करा दिया है, जिससे डॉक्टर की प्रेमिका दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर है. पैसा न होने की वजह से डॉक्टर की प्रेमिका ने अपना और बच्चे का पेट भरने के लिए सब्जी बेचने का निर्णय लिया.

आप को बता दें डॉक्टर का संपर्क फेसबुक से मिर्जापुर की साधना से हुआ. धीरे-धीरे दोनों के बीच प्यार परवान चढ़ने लगा. डॉक्टर अपनी प्रेमिका से पहली बार मिलने मिर्जापुर गए, जहां पहली मुलाकात के बाद प्यार और परवान चढ़ा. डॉक्टर की प्रेमिका अपना घर बार छोड़ कर डॉक्टर से साथ रहने कानपुर चली आई. एक साल तक दोनों कानपुर में रहे. डॉक्टर का ट्रांसफर बस्ती हो गया तो अपनी प्रेमिका को लेकर बस्ती चले आये और मेडिकल कॉलेज के सरकारी आवास में रहने लगे.

आरोप है कि डॉक्टर ने अपनी प्रेमिका को शादी और नौकरी करने का झांसा दिया. समय बीतता गया लेकिन डॉक्टर ने न तो शादी की न ही प्रेमिका को नौकरी दिलवाई. जब प्रेमिका ने डॉक्टर पर शादी का दबाव बनाना शुरू किया तो डॉक्टर उसे प्रताड़ित करने लगा. प्रेमिका का आरोप है कि डॉक्टर रोज रात में शराब पीकर घर आते हैं, मारपीट और गाली-गलौज करते हैं. घर में राशन, दूध तक बंद करा दिए हैं. बच्चे का स्कूल में एडमिशन तक नहीं करा रहे हैं.

प्रेमिका का कहना है कि बच्चा डॉक्टर का है लेकिन डॉक्टर अपना बच्चा मानने से इनकार करते हैं. प्रेमिका ने प्रेमी डॉक्टर की मां पर भी प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. पीड़िता का कहना है कि एक दिन डॉक्टर की मां आई और उसे बुरा-भला कह कर घर से निकाल दिया. जिसके बाद वो अपने पड़ोसी के यहां रह रही थी.

प्रेमिका का आरोप है कि डॉक्टर दो बार लड़कियों को लेकर भी घर पर आया. मेरे विरोध करने पर घर से निकल जाने के लिए कहा, लेकिन मैं भी अपना सब कुछ छोड़ कर इनके पास आई थी, इस वजह से मैंने को एवॉइड कर दिया.

वहीं प्रेमी डॉक्टर जीडी यादव ने कहा कि फेसबुक के माध्यम से मेरा संपर्क हुआ था. अपने आप को एलआईसी का एजेंट बताया, बीमा कराने को लेकर बातचीत शुरू हुई. जब इस ने मुझे डॉक्टर जाना तो एक दिन अपनी माता को इलाज के लिए मेरे पास लेकर आई. इसने अपनी गरीबी और मजबूरी बताई. मैंने इसे अपनी नौकरानी के तौर पर घर पर रख लिया. 15 से 20 हज़ार महीने सैलरी पर रख लिया.

डॉक्टर ने इमोशनल होते हुए कहा कि ये पहले से शादीशुदा है, एक बच्चे की मां है, इसने मुझे ब्लैकमेल करना शुरू किया. मैंने जब पैसा देने से इनकार किया तो मुझे फंसाने की धमकी देने लगी. मेरे घर और बेड रूम पर कब्जा कर लिया. मैं घर छोड़ कर चला गया. चौकी इंचार्ज सोनुपार के साथ जाकर मैंने अपना समान घर से निकाला. डॉक्टर ने कहा कि मेरी जान को खतरा है.

वहीं सीओ सदर शक्ति सिंह का इस मामले पर कहना है कि साधना नाम की महिला ने अपने पति जीडी यादव और उनकी मां के खिलाफ मारपीट की तहरीर दी थी. तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है. मामले की विवेचना की जा रही, जो भी तथ्य निकल कर सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी.