एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा को मिला था मनसुख हिरन को मारने का काम- NIA की चार्जशीट

मुंबई. मनसुख हिरन की हत्या मामले में नया खुलासा हुआ है. नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की तरफ से दायर चार्जशीट में बताया गया है कि एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा (Pradeep Sharma) को हिरन की हत्या का काम सौंपा गया था. इसके लिए निलंबित और मामले के मुख्य साजिशकर्ता कहे जा रहे सचिन वाजे (Sachin Waze) की तरफ से शर्मा को ‘मोटी रकम’ भी दी गई थी. शर्मा ने संतोष शेलार के लिए जरिए इस वारदात को अंजाम दिया था.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक चार्जशीट में बताया गया है, ‘यह काम प्रदीप शर्मा (A-10) को सौंपा गया था.’ आगे कहा गया कि साजिश में आरोपी प्रदीप शर्मा ने आरोपी संतोश शेलार (A-6) से संपर्क किया था और पूछा था कि क्या वह पैसों के बदले हत्या कर सकता है. चार्जशीट के अनुसार, ‘आरोपी शेलार इसके लिए हामी भर दी थी.’ हिरन की हत्या से पहले 2 मार्च को वाजे ने हिरन के साथ मीटिंग की थी. इस दौरान उसके साथ दो अन्य पुलिसकर्मी सुनील माने और प्रदीप शर्मा भी मौजूद थे. चार्जशीट के मुताबिक, वाजे इन दोनों को साथ इसलिए ले गया ताकि वे हिरन को पहचान लें.

दक्षिण मुंबई में विस्फोटकों से लदे वाहन (महिंद्रा स्कॉर्पियो) के मिलने के एक हफ्ते बाद यह बैठक हुई थी. गाड़ी में जिलेटिन की 20 छड़ियां और धमकी भरा नोट मौजूद था. एनआईए के जांचकर्ताओं का मानना है कि यह वाजे की तरफ से अपनी विश्वसनीयता को चमकाने का प्रयास (ऐसा मामला सुलझाकर, जो उसने खुद ही तैयार किया हो) हो सकता है. हालांकि, इसे लेकर अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं. इसके अलावा जबरन वसूली के एंगल को लेकर भी कोई सबूत नहीं हैं.