छत्तीसगढ़ सरकार ने ढाई साल में बदला सात योजनाओं और एक पुरस्कार का नाम, BJP-कांग्रेस में बढ़ी तरकार
नोएडा. आज के युवाओं के जीवन में मोबाइल घर कर गया है. दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा (Noida) में इसकी इसकी मिसाल देखने को मिली जहां 13 वर्षीय एक लड़की को उसकी मां ने मोबाइल फोन (Mobile Phone) पर गेम खेलने को लेकर डांटा तो गुस्से में आकर उसने फांसी लगाकर (Suicide) अपनी जान दे दी. शनिवार को पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि किशोरी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
थाना सेक्टर-20 के प्रभारी निरीक्षक मुनीष प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि सेक्टर नौ में रहने वाली नाबालिग लड़की ने शुक्रवार को अपने घर पर कथित तौर पर फांसी लगा ली. उन्होंने बताया कि परिजनों ने उसे फंदे से उतारने के बाद पहले नोएडा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया और बाद में यहां से उसे मेट्रो अस्पताल ले गए. लेकिन डाक्टरों ने लड़की को मृत घोषित कर दिया.
चौहान ने बताया कि घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि किशोरी को उसकी मां ने मोबाइल फोन पर गेम खेलने से मना किया था जिससे आगबबूला हो कर कथित तौर पर फांसी लगा ली.
रायपुर. केंद्र सरकार द्वारा राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलने के बाद छत्तीसगढ़ में कांग्रेस और भाजपा (Congress and BJP) के बीच सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है. एक तरफ सत्ताधारी कांग्रेस (Chhattisgarh Government) ने भाजपा पर मेजर ध्यानचंद के बहाने राजीव गांधी को नीचा दिखाने का आरोप लगाया है, तो दूसरी तरफ प्रदेश में ढाई साल के शासनकाल में कांग्रेस सात योजनाओं और एक पुरस्कार का नाम बदल चुकी है. इसको लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह (Dr. Raman Singh) ने कांग्रेस पर निशाना साधा है. वहीं, कांग्रेस के प्रवक्ता आरपी सिंह ने पलटवार करते हुए कहा है कि अंगुली भी न कटाई हो ऐसे दल के नेता बलिदान और शहादत का अर्थ क्या समझेंगे?
बहरहाल, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सरकारी आदेश की प्रति जारी करते हुए बताया है कि कांग्रेस सरकार ने अब तक सात योजनाओं और एक पुरस्कार का नाम बदल दिया है. इसमें छह पंडित दीनदयाल उपाध्याय और एक राजमाता विजयाराजे सिंधिया के नाम की योजना शामिल है. इसके अलावाराज्य सरकार ने दीनदयाल हथकरघा प्रोत्साहन पुरस्कार योजना का नाम बदलकर राज राजेश्वरी करणा माता प्रोत्साहन पुरस्कार योजना कर दिया है. इसके साथ उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सिर्फ एक नाम बदलने से कांग्रेसी परेशान हो उठे हैं.कांग्रेसी सिर्फ एक परिवार की भक्ति तक ही सीमित है.