जीएम के रेल ट्रैक निरीक्षण पर बोले कोई समस्या तो नहीं, स्टेशन मैनेजर ने कहा सर ट्रेनों का स्टॉपेज 2 मिनट का है इसे बढ़ाया जाये

ग्वालियर. उत्तर मध्यरेलवे के नये जीएम प्रमोद कुमार रविवार को रेल ट्रैक विण्डों निरीक्षण के बीच 8 मिनट के लिये ग्वालियर स्टेशन पर पहुंचे थे। यहां वह 2 मिनट के लिये उतरकर प्लेटफार्म पर पहुंचे और अधिकारियों से परिचय लिया। इस बीलच उन्होंने स्टेशन मैनेजर से यह भी पूछ लिया कि यात्रियों के लिहाज से कोई बड़ी समस्या हो तो बतायें। इस स्टेशन मैनेजर एसएस राठौर ने मांग उठाई कि यहां ज्यादातर बड़ी ट्रेनों स्टॉपेज महज 2 मिनट का है उसे बढ़ाया जाये। क्योंकि कई बार पार्सल लोडिंग -अनलोडिंग भी नहीं हो पाती है। यात्री भी ट्रैन में नहीं चढ़ पाते है। उससे चेन पुलिंग होती है। जीएम ने तत्काल डीआरएम को प्रस्ताव बनाने के लिये कहा है अभी कुछ दिन पहले ही प्रमोद कुमार जीएम बनाये गये हैं। यह उनका पहला दौरा था।

नवागत महाप्रबंधक का पहला दौरा था

उत्तर मध्य रेलवे में पद संभालने के बाद नवागत मुख्य महाप्रबंधक प्रमोद कुमार को रविवार को आगरा-झांसी के बीच रेल ट्रैक का विंडो ट्रेन निरीक्षण करना था। GM आ रहे थे, इसको लेकर रेलवे के अधिकारी अलर्ट थे। ट्रेन आने के करीब 10 मिनट पहले ही वह प्लेटफार्म नंबर एक पर उनकी आगवानी के लिए खड़े हो गए थे। ट्रेन के आते ही प्रमोद कुमार ट्रेन से नीचे आए और प्लेटफार्म पर ही अधिकारियों से परिचय लिया। इस दौरान स्टेशन प्रबंधक एसएस राठौर से पूछा कि यात्रियों की सुविधाओं को लेकर क्या परेशानी आ रही है। इस पर एसएस राठौर ने कहा ग्वालियर में ट्रेनों का स्टॉपेज दो मिनट का है इसे बढ़ाया जाए। इससे मुसाफिरों के साथ ही ट्रेनों में माल की लोडिंग़-अनलोडिंग़ करने में सुविधा होगी। इस बात को लेकर GM के साथ में ही मौजूद DRM संदीप माथुर से प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। 2 मिनट चर्चा करने के बाद GM ट्रेन में सवार होकर झांसी के लिए निकल गए। इसके बाद वह ट्रेन के सैलून में ही DRM से आगे की प्लानिंग को लेकर चर्चा करते देखे गए।

जीएम के आगमन पूर्व चकाचक हुआ स्टेशन

उत्तर मध्यरेलवे के जीएम प्रमोद कुमार को ग्वालियर स्टेशन से निकलना था वैसे तो उनके निरीक्षण कोई प्रोग्राम नहीं था, लेकिन फिर भी रेलवे के अधिकारियों ने अपनी ओर से पूरी तैयारी करके रखी थी। क्योंकि 8 से 10 मिनट वह यहां रूके सकते थे। ऐसे मेंवह कहीं भी निरीक्षण कर सकते थे। स्टेशन पर साफ सफाई थी। दुकानें अपनी में हद में थी और वह ट्रैक पर भी गंदगी नहीं थी। यहीं नहीं आगरा से लेकर झांसी तक सभी स्टेशन अलर्ट मोड थे।