हनीट्रैप की तीन शातिर महिलायें-एक पति पंचर बनाता, लेकिन पत्नी के महंगे शौक पूरे करने लिये युवकों को लूटती थी
पाली. हनीट्रैप काण्ड में पुलिस अभी तक 3 महिलाओं को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस से हो रही पूछताछ में रोज नये-नये खुलासे हो रहे हैं। जब पुलिस ने इस गिरोह का भांडाफोड़ किया और पूछताछ शुरू की तो इन महिलाओं की कहानी सामने आई। इन तीनों ने अपने महंगे शौक पूरे करने के लिये इस रास्ते को चुना। लोगों को हनीट्रैप में फंसाने का काम शुरू कर दिया। रूपये हाथ में आने लगे और किसी ने शिकायत भी नहीं की तो हौंसले बढ़ते गये। तीनों ने शहर के कई लोगों को अपना शिकार बनाया। अब 3 महिलायें भावना उर्फ भारती, श्वेता और दिव्या जेल में है। अभी 3 महिलाओं के गैंग से जुड़ने की कहानी सामने आयी है।
भावना ने अपने पिता पर ही दर्ज कराया मामला
खिवांडा गांव निवासी भावना उर्फ भारती उर्फ पूजा अपने पिता की पहली पत्नी की बेटी है। छोटी थी तब ही मां की मौत हो गयी। दादी और पिता ने पालन-पोषण किया। पिता जब अपने लिये दूसरी पत्नी लाये तो भावना को अच्छा नहीं लगा। स्वयं ह ीवह परिवार से अलग समझने लगी और बाहर घूमने काशौक हो गया। पिता टोकने लगे तो उनके खिलाफ भी खिंवाडा थाने में शिकायत की और बाद में मामला आपसी समझाइश से सुलझ गया। भावना रमेश चौधरी (हनीट्रैप गैंग का मास्टर माइंड) के संपर्क में आयी और उससे शादी कर ली। महंगे मोबाइल, महंगे कपड़े, कारों में घूमने का शौक के चलते भावना हनीट्रैप की राह पर चल दी। परिवार से नाता तोड़ दिया। पति रमेश के साथ मिल कर अपनी गैंग बना ली। मारवाड-गोड़वाड के कई प्रतिष्ठित लोगों को अपना शिकार बनाया। रमेश झगड़ा हुआ तो उसके खिलाफ भी मामला दर्ज करवाने पहुंची। फिर हनीट्रैप प्रकरण में खुद भी आरोपी बनी।
दिव्या- गरीब पति पसंद नहीं था, महंगे शौक पूरे करने के लिए जुड़ी गैंग से
3 बच्चों की मां दिव्या के सपने बड़े थे, लेकिन जिससे शादी हुई वह गाड़ियों के पंचर बनाने का काम करता था। कमाई से घर का खर्च भी नहीं चलता था। आर्थिक परेशानी के चलते पति-पत्नी में भी कई बार बहस हो जाती थी। अपने ख्वाबों को पूरा करने के लिए दिव्या भी रमेश और भावना के संपर्क में आई। इस हनीट्रैप गैंग से जुड़ गई। जिससे रुपयों की अच्छी आमदानी हो और अपने ख्वाब पूरे कर सके। दिव्या की इन हरकतों का उसके परिवार को भी पता नहीं था। मामला पुलिस में पहुंचा तो किसी को यकिन नहीं हुआ कि 3 बच्चों की मां भी इस गैंग में शामिल हैं।
महिला श्वेता– पिता की मौत, पति जेल में, स्पा सेंटर से गैंग तक पहुंची
नई दिल्ली के कटरा गोकुलशाह सीताराम बाजार निवासी 35 वर्षीय श्वेता उर्फ शीतल के पिता की मौत हो चुकी है। पंकज नाम के युवक से शादी हुई थी। जो 4 साल से जेल में है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से होने के कारण श्वेता बुजुर्ग मां पर बोझ नहीं बनना चाहती थी, इसलिए काम ढूंढने लगी। इस दौरान स्पा सेंटर से जुड़ गई। करीब 2 साल पहले श्वेता दिल्ली से राजस्थान आई। उसने कुम्भलगढ़, पाली, जालोर व बाड़मेर के स्पा सेंटर में भी काम किया।
यह है पूरा मामला
ज्ञात रहे कि 29 जुलाई को एक प्राथी ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी कि 2 मई की दोपहर 2-30 बजे उसके मोबाइल पर एक कॉल आया और प्लॉट दिखाने का ऑफर दिया। तब वे अपने मित्र के साथ अम्बेडकर सर्किल से नया बस स्टैंड पहुंचे। जहां 2 लड़किया मिली जिन्होंने कहा कि रिश्तेदार का घर खाली है। वहां बैठकर प्लॉट के बारे में बात करते हैं। उनके साथ हम अम्बेडकर नगर आ गए। वहां मुझे व मेरी दोस्त को अलग-अलग कमरे में ले गए और हमें बातों में उलझा दिया। इतने में 4-5 युवक आए मुझे व मेरे दोस्त को एक कमरे में ले गए। दोनों के साथ मारपीट की और 4-5 लाख रुपए मांगे। रुपए नहीं देने पर पुलिस को बुलाने की धमकी दी। बलात्कार के आरोप में फंसाने की धमकी दी। उनमें एक युवक का नाम रमेश था जो खुद को भावना नाम की लड़की का पति बता रहा था। रिपोर्ट में बताया कि उसने व उसके दोस्त ने किसी तरह का गलत काम नहीं किया था। उन्होंने प्लानिंग बनाकर उन्हें उलझाया। बदनाम करने के डर से रुपए मांगे। रिपोर्ट में बताया कि उन्होंने उन दोनों का जबरदस्ती वीडियो भी बना लिया। उनके पास से सोने की चेन व एक लाख रुपए ले लिए।