ग्वालियर में मिर्ची बाबा पर हमला, बाबा बोले मैं भागता नहीं तो वह मार देते

ग्वालियर में वैराग्यानंद गिरी महाराज उर्फ मिर्ची बाबा पर रविवार देर रात 3 नकाबपोश बदमाशों ने हमला कर दिया। बदमाशों ने जड़ेरूआ आश्रम से निकलते ही उन्हें घेर लिया। पहले कार पर डंडे और पथराव किया इस दौरान कांच लगने से मिर्ची बाबा घायल हो गए। हमलावर बाबा को निशाना बनाते, उससे पहले उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। हमला रविवार रात 11 बजे जड़ेरूआ आश्रम से निकलते ही हुआ। बाबा पर हमले के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ट्वीट कर लिखा कि शिवराज सरकार में साधु-संत भी सुरक्षित नहीं है। वहीं, मिर्ची बाबा ने कहा कि हमलावर कह रहे थे कि बहुत आंदोलन करता है। अब आंदोलन किया तो जान से मार देंगे साथ ही बाबा ने ग्वालियर एसपी पर सूचना देने के बाद भी सुरक्षा न देने का आरोप लगाया है।

स्वामी वैराग्यानंद गिरी महाराज उर्फ मिर्ची बाबा को कमलनाथ सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था। मिर्ची बाबा काफी समय से ग्वालियर-चंबल अंचल में सक्रिय हैं और लगातार गायों को बचाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। वे ग्वालियर के गोला का मंदिर स्थित जड़ेरूआ आश्रम से भी जुड़े हैं। रविवार रात को वह शिवपुरी से ग्वालियर पहुंचे। उन्होंने अपने आने की सूचना ग्वालियर एसपी अमित सांघी को दी साथ ही सुरक्षा की मांग भी की इसके बाद रात 11 बजे वह जडेरूआ आश्रम पहुंचे। जब वह आश्रम से निकल रहे थे तो अचानक उनकी कार के सामने तीन नकाबपोश बदमाश आकर खड़े हो गए। बदमाशों ने बाबा को धमकी दी कि वह आश्रम ना आए और गौमाता के लिए जो आंदोलन कर रहे हैं, वह बंद कर दें। जब बाबा ने विरोध किया तो उनकी कार में तोड़फोड़ की गई। इस दौरान कार के कांच के टुकड़े लगने से वह घायल भी हो गए। हमलावर उन पर हमला करते उससे पहले उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई। इसके बाद बाबा गोला का मंदिर थाना पहुंचे। मिर्ची बाबा का आरोप है कि दो घंटे तक बैठाए जाने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।

हमलावरों को नहीं पहचानते बाबा

मिर्ची बाबा ने बताया कि हमलावरों को वे नहीं जानते। तीनों के मुंह पर नकाब था। मैं भी काफी घबराया हुआ था, इसलिए समझ नहीं पाया कि वह कौन थे। बार-बार यही कह रहे थे आंदोलन किया तो जान से मार देंगे पर मैं भी चंबल का सपूत हूं, न आंदोलन बंद करूंगा न गौसेवा।