जोधपुर में मानवता शर्मसार: घर में बेटी ने जन्म लिया तो जिंदा ही गड्डे में दबा डाला, चरवाहों ने बचाया

जोधपुर. पश्चिमी राजस्थान में स्थित जोधपुर (Jodhpur) जिले के शेरगढ़ थाना इलाके में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. यहां 9 महीने तक कोख में रखने के बाद जब बेटी का जन्म (New born baby girl) हुआ तो बेरहम परिजनों ने उसे रेत के टीलों के बीच गड्ढे में डाल (Buried) दिया गया. यह तो नवजात बच्ची की किस्मत अच्छी थी कि वहां बकरियां चराने वाले कुछ लोगों की नजर उस पर पड़ गई और उन्होंने उसे बचा लिया. बाद में उसे अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल लाने के बाद चिकित्सकों ने बच्ची की जांच की तो उसका वजन कम पाया गया. इसके साथ ही बच्ची को सांस लेने में भी दिक्कत आ रही थी.

पुलिस के अनुसार मामला शेरगढ़ थाना इलाके भालू राजवा गांव का है. वहां कुछ लोगों ने अपनी नवजात बेटी को अपने ही हाथों से गड्ढा खोदकर उसमें डाल दिया. इससे भी जब उनका मन नहीं भरा तो उन्होंने गले को छोड़ बच्ची का बाकी शरीर मिट्टी में दबा दिया. गनीमत यह रही है वहां से थोड़ी ही दूरी पर कुछ चरवाहे बकरियां चरा रहे थे. उन्होंने जब बच्ची के रोने के आवाज सुनी तो वे वहां पहुंचे. उन्होंने बच्ची को मिट्टी में दबा देखकर उसे बाहर निकाला.

नवजात को जोधपुर के उम्मेद अस्पताल किया रेफर

चरवाहों ने तत्काल इसकी सूचना ग्रामीण शैतान सिंह और उप सरपंच मंगलाराम विश्नोई को सूचना दी. इस पर वे मौके पहुंचे और बाद में बच्ची को गांव के ही स्वास्थ्य केंद्र ले गये. वहां चिकित्सक ने बच्ची की जांच की तो पता चला कि उसका वजन कम है. इस पर उसे प्राथमिक उपचार देकर तत्काल एम्बुलेंस से जोधपुर के उम्मेद अस्पताल के लिये रेफर कर दिया गया. फिलहाल वहां नवजात बच्ची का एनआईसीयू में इलाज चल रहा है. इस बीच शेरगढ़ थाना पुलिस ने मासूम नवजात बच्ची के परिजनों की तलाश शुरू कर दी है. लेकिन फिलहाल उनका कोई सुराग नहीं लग पाया है.