सॉफ्ट पॉर्नोग्राफी राज कुंद्रा मामले में कोर्ट की कार्रवाई, 23 जुलाई तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया
सॉफ्ट पॉर्नोग्राफी केस में कोर्ट ने अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति और बिजनेसमैन राज कुंद्रा को 23 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. बता दें कि 19 जुलाई को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राज कुंद्रा को पूछताछ के लिए बुलाया था. रात 9 बजे राज कुंद्रा मुंबई क्राइम ब्रांच के भायकला दफ्तर पहुंचा और करीब 2 घंटे तक पूछताछ के बाद रात 11 बजे गिरफ्तार कर लिया गया. फिर सुबह 4 बजे उसे मेडिकल जांच के लिए जेजे अस्पताल और वहां से सुबह सवा 4 बजे मुंबई पुलिस कमिश्नर के दफ्तर ले जाया गया.
राज कुंद्रा ने कोर्ट में दी सफाई
राज कुंद्रा ने सॉफ्ट पॉर्नोग्राफी केस में कोर्ट में सफाई दी और दावा किया कि उसने हॉटशॉट ऐप को एक वांछित आरोपी प्रदीप बख्शी को बेच दिया है. राज कुंद्रा ने कहा कि ‘मैंने कंपनी 25000 डॉलर (18.65 लाख रुपये) में बेच दी थी और मेरी उसमें कोई हिस्सेदारी नहीं थी.’ हालांकि जांच में पता चला है कि राज कुंद्रा नियमित रूप से इस ऐप के वित्तीय लेनदेन के बारे में अपडेट ले रहा था.
‘कंपनी बेचने के बावजूद स्ट्रैटेजी बनाने में क्यों शामिल?’
पुलिस का कहना है, ‘अगर राज कुंद्रा ने अपनी कंपनी 25000 डॉलर में प्रदीप बक्शी को बेच दी थी तो फिर कंपनी के व्हाट्सऐप ग्रुप में एक्टिव क्यों थे? वो हर स्ट्रैटेजी बनाने में शामिल क्यों थे? व्हाट्सऐप चैट्स बताते है कि राज कुंद्रा हर फैसले में शामिल थे.’ पुलिस का कहना है कि अगर राज कुंद्रा ने कंपनी बेच दी थी, तो गहना वशिष्ठ और उमेश कामत, जो पॉर्न फिल्मों में निर्माता निर्देशक थे, हर स्क्रिप्ट में राज कुंद्रा को सीसी में क्यों रखते थे?
इस तरह इस केस में आया राज कुंद्रा का नाम
कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुंबई पुलिस ने कहा, ‘राज कुंद्रा अपने ऐप हॉटशॉट के जरिए अश्लील वीडियो की डीलिंग कर रहे थे. जब गहना वशिष्ठ को गिरफ्तार किया गया, तो उन्होंने उमेश कामत का नाम लिया और राज कुंद्रा के पूर्व पीए उमेश कामत ने पुलिस को राज कुंद्रा के शामिल होने के बारे में जानकारी दी.’
मलाड वेस्ट में होती थी अश्लील फिल्मों की शुटिंग
पुलिस की जांच में ये भी पता चला है कि इस पोर्नोग्राफी रैकेट को चलाने के लिए मुंबई में मलाड वेस्ट के मढगांव में एक बंगला किराए पर लिया गया था, जहां अश्लील फिल्मों की शूटिंग चलती थी. यहां तक कि जब पुलिस ने यहां छापा मारा तब भी अश्लील फिल्मों की शूटिंग चल रही थी. इन अश्लील फिल्मों और वीडियो को एक नहीं कई साइट्स पर अपलोड किया जाता था और पैसे कमाए जाते थे.