इंदौर में शराब के वर्चस्व के लिए गैंगवॉर, शराब कारोबारी को गोली मारी, जवाब में सिंडिकेट ऑफिस पर पथराव, मरीमाता चौराहे वाली शराब दुकान फोडी
इंदौर. शहर में शराब कारोबारियों के बीच वर्चस्व को लेकर गैंगवॉर के हालात बन गए है इसी को लेकर सोमवार शाम को शराब कारोबारी अर्जुन ठाकुर पिता वीरेंद्र ठाकुर को कुछ गुंडों ने सत्यसाईं चौराहे पर गोली मार दी। वारदात के बाद शराब कारोबारी के समर्थकों ने सिंडिकेट के ऑफिस पहुंचकर पथराव कर दिया। शहर के गांधीनगर, बाणगंगा इलाके में फोर्स तैनात कर दिया गया है। मरीमाता स्थित शराब दुकान में भी तोड़फोड की गई है। पुलिस को दूसरी शराब कारोबारी चिंटू ठाकुर और हेमू ठाकुर पर शक है। ऐहतियात के तौर पर दोनों के घर के बाहर भी पुलिस तैनात की गई है।
जानकारी के अनुसार वारदात सोमवार शाम करीब 4 बजे सत्यसाईं चौराहा स्थित सिंडिकेट के ऑफिस के सामने हुई। लोगों ने गोली चलने की आवाज सुनी तो सहम गए। वे कुछ समझ पाते तब तक हमलावर भाग गए। घायल अर्जुन को राजश्री अपोलो अस्पताल ले जाया गया है। गोली अर्जुन के पेट में लगी है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों से पूछताछ की। बताया गया कि दोनों के बीच शराब दुकान की लोकेशन को लेकर विवाद चल रहा है। पुलिस ने ऐहतियात के तौर पर बाणगंगा और गांधीनगर क्षेत्र में स्थित शराब दुकानों को बंद करा दिया गया है। इसके अलावा मरीमाता स्थित शराब दुकान पर तोड़फोड़ की।
प्रारंभिक तौर पर पता चला कि अर्जुन की एबी रोड स्थित रघुनाथ पेट्रोल पंप के समाने शराब दुकान है। इसे लेकर कई महीनों से शराब सिंडिकेट से जुड़े लोगों से विवाद चल रहा था। दो दिन पहले भी इसे लेकर विवाद हुआ था अब यह दुकान पूर्व में अर्जुन के पिता संचालित करते थे। पिता के निधन के बाद अर्जुन ने जब से दुकान संभाली तभी से विरोधी उस पर दुकान देने के लिए दबाव बना रहे थे। बदमाश इस लोकेशन को हासिल करना चाह रहे है।
दरअसल यह शराब दुकान शहर की सबसे अच्छी लोकेशन पर होने के साथ ही यहां से सबसे ज्यादा रेवेन्यू मिलता है। इसे लेकर कई दिनों से गैंगवॉर की स्थिति बन रही थी। लोगों के अनुसार घटना के दौरान कुछ कुख्यात गैंगस्टर भी वहां थे। मामले में पुलिस गैंगस्टर सतीश भाऊ, हेमू ठाकुर, चिंटू ठाकुर सहित अन्य की भूमिका की जांच कर रही है। उधर घटना के बाद अर्जुन पक्ष के गुस्साए लोग सिंडिकेट के ऑफिस पहुंचे और पथराव किया जिसके बाद पुलिस उन्हें रोकती रही लेकिर वे बेकाबू हो गए और ऑफिस के कांच फोड दिए। इस पर वहां अफरा-तफरी मच गई और बिल्डिंग के अन्य ऑफिस बंद कर दिए।