Kangra Cloud Burst: 5 दिन पहले ही पिता बने थे शिव, बेटे का मुंह भी नहीं देख पाए

धर्मशाला. हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले (Kangra) के बोह में आए जलप्रलय (Cloud Burst) के बाद अब रुला देने वाली कहानियां सामने आ रही हैं. यहां पर जहां भीमसेन का पूरा परिवार खत्म हो गया, वहीं प्राकृतिक आपदा में 30 साल के शिव की भी मौत हो गई. शिव घटना के पांच दिन पहले ही दूसरी बार पिता बने थे. वह अपने दूसरे बेटे का मुंह तक न देख पाए और काल के आगोश में समा गए.

दरअसल, शाहपुर उपमंडल की बोह घाटी की रुलेहड़ पंचायत में हुए भूस्खलन में दबे शिव प्रसाद अपने नवजात दूसरे बच्चे का मुंह तक भी नहीं पाए. शिव और उनके पिता भूस्खलन की चपेट में आ गए. शिव की पत्नी और उनकी मां टांडा मेडिकल कॉलेज में बच्चे के साथ थे. इस कारण तीनों हादसे से बच गए.

अब केवल दो लोग लापता

12 जुलाई को हुई भारी बारिश के कारण आई बाढ़ में बोह की रुलेहड़ पंचायत में चार परिवारों के 10 लोग लापता थे. मंगलवार को मलबे से निकाले भाई-बहन ममता और कार्तिक का बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया गया है. अब तक मलबे से मस्तो देवी (40), शकुंतला देवी (60), ममता (21), कार्तिक (16), शिव प्रसाद (30), कांचना देवी (45) और भीमसेन (45) और शबनम (18 माह) का शव बरामद किया गया है. कुल 5 पांच लोग रेस्क्यू किए गए हैं. आठ शव मिले हैं और दो लोगों की तलाश है.

तीन दिन से चल रहा खोजबीन अभियान

मंगलवार को पांच और बुधवार को तीन शव निकाले गए हैं, जबकि दो अभी लापता हैं. डेढ़ साल की शबनम पुत्री विजय कुमार, कंचना देवी पत्नी मेघराज और भीम सिंह का शव निकाला गया है. एनडीआरएफ का तलाशी अभियान तीसरे दिन भी जारी रहा. आज भी तलाशी अभियान जारी रहेगा.

कांगड़ा में अब तक 10 मौतें

बारिश के बाद आई बाढ़ से कांगड़ा में अब तक दस मौतें हुई हैं. इनमें आठ अकेले बोह में हुई हैं. वहीं, नगरोटा बंगवा में 11 साल की नेहा भी पानी में बह गई थी. इसके अलावा, पंजाब के सूफी गायक मनजीत का शव करेरी लेक से एक किमी दूर नाले में मिला है. वह नाले को पार करते हुए बह गए थे. वहीं, मांझी खड्डे में बहा एक शख्स लापता है.