ग्वालियर का एक बदमाश जयपुर गोनेर में चला रहा था नकली नोट करेंसी छापने की प्रेस, 2 गिरफ्तार

ग्वालियर के वीरपुर बांध का रहने वाला एक युक अपने दोस्त के साथ जयपुर के गोनेर के एक मकान में नकली नोट करेंसी छापने की प्रेस चला रहा था। देर रात एसओजी (स्पेशल ऑपरेश्न ग्रुप) की टीम ने दबिश देकर नकली नोट छापने और उनकी कटिंग कर रहे दो युवकों को पकड़ा है। इनके पास से 5.80 लाख रुपए के नकली नोट बरादम हुए है। यह नोट 500, 200 रुपए के है। अब एसओजी इनसे पूछताछ कर रही है। ग्वालियर में भी नकली नोट खपाने का पता लगा है और जल्द कोई बड़ा खुलासा हो सकता है।

आरोपियों से पूछताछ चल रही है कि नकली नोट कहां-कहां पर खपा चुके

एसओजी, एटीएस के एडीजी अशोक राठौड ने बताया कि मप्र के ग्वालियर स्थिर वीरपुर बांध निवासी बृजेश मौर्य और जयपुर के नाहरगढ़ के मोहन नगर निवासी प्रथम शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी महिला कोपल अवासीय कॉलोनी के एक मकान में भारतीय नोट छापने की मशीन और छापे गए नोटों की कटिंग करते हुए मिल थे। एसओजी गिरोह में शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। आरोपियों से पूछताछ चल रही है कि नकली नोट कहां-कहां पर खपा चुके है। एसओजी के अफसरों ने बताया कि अभी कुछ दिन पहले गोनेर के रामबाग चौराहे से कार सवार चार लोगों को पकड़कर उनसे 1 लाख रुपए के नकली नोट बरामद किए थे। चारों आरोपियों ने पूछताछ में बृजेश और प्रथम से नकली नोट लाना बताया था तभी से एसओजी ने उन पर गिरानी रखना शुरू कर दिया था।

एसओजी के अफसरों ने बताया कि दोनों आरोपी घर में रहकर नकली नोट छापने का काम कर रहे थे। नकली नोट बिल्कुल असली नोट जैसे दिखते हैं। नकली नोटों पर वॉटर मार्क आरबीआई थ्रेड व संख्या का अंकन भी है। गौर से नोटों को देखा जाए तब नकली होने का पता चलता है। नोट को तिरछा करने पर 500 लिख हुआ नजर नहीं आता। नकली नोट की पट्टी एक ही रंग की है और नाखुन से खुरेचने पर निकल जाती है यही कमी थी जिससे नोट नकली होना पड़क में आ गए