पीडब्ल्यूडी के फर्जी बिलों के खेल से परेशान होकर सबइंजीनियर शिवराज पाठक ने दिया इस्तीफा
ग्वालियर. सरकारी बंगलों में मेंटेनेंस के काम में कमीशन और फर्जी बिलों के आरोप लेकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के बंगला सेक्शन में उपयंत्री, कार्यपालन यंत्री और ठेकेदार आमने-सामने आ गये है। सोमवार को विभाग उपयंत्री शिवराज पाठक ने प्रमुख अभियंता, भोपाल को अपना इस्तीफा भेजते हुए कार्यपालन यंत्री आरके गुप्ता पर फर्जी बिल पास कराने के लिये दबाव बनाने का आरोप लगाया है। दोपहर में हुए इस घटनाक्रम के बाद शाम तक ठेकेदार भी गुप्ता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और विभाग के सीनियर अधिकारियों को शिकायत भेजी कि श्री गुप्ता द्वारा भुगतान करने के लिये 30 से 40 प्रतिशत कमीशन की डिमांड की जा रही हे। वहीं, इस मामले में श्री गुप्ता ने सभी आरोप सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उपयंत्री व ठेकेदार मिले हुए हैं। मुझसे इनमें से किसी कोई बात ही नहीं हुई है।
क्या है पूरा मामला
मैं पीडब्ल्यूडी संभाग क्रमांक 1 के बंगला सेक्शन में उपयंत्री पद पर कार्यरत हूं। मैं विभाग में 31 जुलाई 1991 से कार्य कर रहा। कार्यपालन यंत्री आरके गुप्ता मुझ पर दबाव बना रहे हैं कि मेरे अनुभाग के तहत सरकारी बंगलों में मेंटेनेंस कार्य के जो भी कार्य आदेश जारी हुए है। उनके ठेकेदारों द्वारा जो भी कार्य किए जाने हैं। वे कार्य न कराए जाकर उनके फर्जी बिल तैयार कर भुगतान के लिए भेजे जाएं। उन्होंने मुझे निर्देश दिए हैं कि इन बिलों के भुगतान में मेरा (गुप्ता का) हिस्सा 40 % से कम नहीं होना चाहिए और मैं उन तक ये राशि एडवांस में लेकर पहुंचाऊं।
जब मैंने ऐसा करने के लिए कारण पूछा तो गुप्ता ने कहा कि कुछ उपयंत्री ऐसा ही कर रहे हैं और आपको भी ऐसा करना होगा। जब मैंने ऐसा करने से मना कर दिया तो गुप्ता ने मेरे द्वारा पूर्व में कराए गए कार्यों के बिलों को वापस कर दिया और धमकी दी कि मेरे खिलाफ झूठे प्रकरण तैयार कराकर मुझ पर FIR करा देंगे। इस पूरे घटनाक्रम से मैं सदमे में हूं और आशंकित हूं कि गुप्ता द्वारा मेरे खिलाफ झूठे आरोप लगाकर मुझे कलंकित करने का प्रयास किया जाएगा।
मैं इस दबाव से व्यथित हूं और मानसिक प्रताड़ना को सहन नहीं कर पा रहा। मेरे साथ कोई अनहोनी होए इससे पहले मैं अपने पद से इस्तीफा देने का नोटिस दे रहा हूं। इसे स्वीकार कर आज से ही मेरी सेवाएं समाप्त कर दी जाएं। निवेदन है कि मेरे आरोपों की जांच ईओडब्ल्यू व सीबीआई से कराई जाए।
सब दबाव बनाने का
कार्यपालन यंत्री आरके गुप्ता ने शिवराज पाठक द्वारा लगाये आरोप के संबंध में बताया कि उपयंत्री शिवराज पाठक को क्या परेशानी है मुझे नहीं पता। मुझसे तो उन्होंने बात ही नहीं की। बाकी सब आवंटन एवं दबाव बनाने का खेल है। शासन सेआने वाला आवंटन नियमानुसार किया जाता है। उसमें इनकी या इनके ठेकेदार की मनमानी पूरी नहीं हो सकती है। यह आरोप लगाने वाले ठेकेदार राहुल शर्मा उन्हीं के यहां के हैं। बाकी उन्होंने जो इस्तीफा दिया है उस पर सीनियर अधिकारी निर्णय करेंगे।
आरकेगुप्ता कार्यपालन यंत्री
कार्यपालन यंत्री कमीशन की डिमांड कर रहे हैं
बंगलों में मेंटेनेंस के काम करने का पीडब्ल्यूडी में मेरा 20 लाख रूपये का पेंमेंट रूका हुआ है। कार्यपालन यंत्री आरके गुप्ता द्वारा 30 से 40 प्रतिशत कमीशन डिमांग कर रहे हैं। जिसे देने से मना कर दिया तो भुगतान न होने की धमकी दी गयी है।
राहुल शर्मा, ठेकेदार
पेंमेंट में अडंगा डाल रहे हैं अधिकारी
मैंने पीडब्ल्यूडी से मिले आदेश पर काम किया था लेकिन पिछले एक वर्ष से मेरा 1 करोड़ रूपये का भुगतान रोका हुआ है। कार्यपालन यंत्री आरके गुप्ता मेरा पेंमेंट करने के एवज में 40 प्रतिशत कमीशन मांग रहे हैं। मैंने मना कर दिया तो भुगतान नहीं होने दे रहे हैं।
राकेश परमार, ठेकेदार