थाने से भागा था वांरटी-ऐसी कोई जेल नहीं बनी है जो नबावसिंह को रोक सके, मैं फिर भाग जाऊंगा
ग्वालियर. 26 दिन पूर्व कम्पू थाने के संतरी को चकमा देकर भागे आबकारी एक्ट के वारंटीको पुलिस ने फिर से पकड़ा है। इस बार उसे इस मामले में लाइन अटैच हुए पुलिसकर्मियों ने ही पकड़ा है। ऐसा पकड़ा गया वारंटी भयंकर नशे में है। वह स्वयं को डॉन बताता है। वह पुलिसकर्मियों से बोला है कि ऐसी कोई जेल नहीं है जो नबाव सिंह को रोक सकें। मैं फिर से भाग जाऊंगा, यह सुनकर पुलिस के जवानों को गुस्सा आया और जवानों ने उसकी धुनाई लगा दी। इस पर वह कहता है मैं तो मजाक कर रहा था। जवानों ने उसे कंपू थाने के सुपुर्द कर दिया है।
5 वर्ष लगे पकड़ने में 5 घंटे भी नहीं को पायी थी पुलिस
अवाड़पुरा निवासी नबावसिंह आबकारी एक्ट में वारंटी है। पिछले 5 वर्षो से फरार था। कोर्ट से उसका गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुका था। 7 जून की सुबह जेएएच परिसर से कंपू पुलिस ने उसे नशा करते हुए पकड़ा था। पकड़कर उसे थाने लाये। सुबह उसे कोर्ट में पेश करना था। उससे पहले पुलिसकर्मियों ने उसे लापरवाही से हवालात के बाहर ही बैठाकर रखा और उसकी गिरफ्तारी भी नहीं डाली थी।
इसी वक्त उसकी निगरानी कर रहे संतरी सुनील कुशवाह टॉयलेट गया था तभी वारंटी नबाव सिंह मौका पाकर थाने से भागने में कामयाब हो गया। इस मामले को 4 घंटे तक पुलिस जवान छिपाये रहे। वारंटी की जगह-जगह तलाश की, लेकिन वह कहीं नहीं मिला और इसक बाद अधिकारियों को मामले की सूचना दी। इस मामले में संतरी सुनील कुशवाह समेत दीवान को लाइन अटैच कर दिया गया था।
जिनको मिली सजा, उन्होंने ही 26 दिन बाद पकड़ा आरोपी
वारंटी के थाने से भागने की लापरवाही में लाइन अटैच किए गए दीवान मानिक , आरक्षक सुनील कुशवाह इस सजा के बाद भी शांत नहीं बैठे। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगाकार वारंटी नबाव सिंह की तलाश करते रहे। शनिवार सुबह करीब 26 दिन बाद पुलिस कर्मियों को सफलता मिल गई। उन्हें नबाव सिंह के बहोड़ापुर इलाके में एक जगह बैठकर नशा करने की खबर मिली थी। पुलिस जवानों ने दबिश दी और आरोपी को हिरासत में लेकर कंपू पुलिस के हवाले किया है।