बिहार में चूहों के बाद अब मगरमच्छ ने बांध में बना डाली सुरंग, करामात देख इंजीनियर्स के उड़े होश
बगहा. बाढ़ की समस्या से लड़ रहे बिहार में चूहों के बाद अब मगरमच्छों (Crocodile) की करामात सामने आई है. मामला पश्चिम चंपारण से जुड़ा है जहां के बगहा के पिपरा पिपरासी तटबंध में मगरमच्छों ने मिलकर सुरंग (Tunnel In Pire) बना दी. सुरंग बनाए जाने की सूचना के बाद जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ गई. सुरंग बनाने की सूचना के बाद जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता प्रकाश दास के नेतृत्व में एक्सपर्ट की टीम ने तटबंध का जायजा लिया. जल संसाधन विभाग के अभियंताओ को आशंका है कि मगरमच्छ अन्य कई स्थानों पर सुरंग बना सकते हैं, ऐसे में पानी के दबाव के कारण बांध के क्षतिग्रस्त होने की आशंका व्यक्त की जा रही है.
पिपरा के तटबंध में पिपरासी के समीप कटावरोधी कार्य करने के दौरान मगरमच्छ के अंडे मिले थे, जिसे करीब 10 फीट सुरंग बनाकर मगरमच्छ ने अपना आशियाना बनाया था. मगरमच्छ के अंडों को वन विभाग ने बरामद कर सुरक्षित कर दिया है. निरीक्षण के बाद मुख्य अभियंता ने युद्धस्तर पर सभी सुरंगों को बंद करने का आदेश दिया है. तटबंध को मजबूत करने के लिए भी काम चल रहा है.
मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग के प्रकाश दास ने बताया कि एक्सपर्ट अभियंताओं के साथ सुरंग वाले स्थान का जायजा लिया गया है. करीब 10 फीट गहरा सुरंग मगरमच्छ ने बनाया है जिसे युद्धस्तर पर ठीक करते हुए निरीक्षण कर हर बिन्दु पर जांच कर अन्य सुरंगों की तलाश करने का आदेश दिया गया है. मुख्य अभियंता के मुताबिक वन विभाग के जानकारों का भी सहयोग लिया जायेगा. तटबंध में मगरमच्छों द्वारा आशियाना बनाये जाने की सूचना के बाद वन विभाग वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट आफ इंडिया के सहयोग से निगरानी में जुट गया है.
वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सहायक प्रबंधक सुब्रत कुमार बेहरा ने बताया कि जो अंडे मिले है वो मगरमच्छ के ही हैं, जिसे प्रजनन के लिए गंडक नदी के सुरक्षित इलाकों तक पहुंचा दिया गया है. उन्होंने बताया कि मगरमच्छ उन इलाकों में पाये गये हैं जो लम्बे समय से पास के ही तालाब में रहते हैं. गहराई से मंथन कर उस पार काम किया जायेगा.