धर्मांतरण मामला: यूपी ATS को मिली बड़ी सफलता, धर्म बदलने वालों में शामिल हैं डॉक्‍टर-इंजीनियर समेत पढ़े लिखे लोग

लखनऊ/ नई दिल्‍ली. धर्मांतरण मामले (Religious Conversion Case) में यूपी एटीएस (UP ATS) ने उमर गौतम (Umar Gautam) और उसके सहयोगी मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी को न सिर्फ गिरफ्तार किया बल्‍कि उसे दोनों की सात दिन की रिमांड भी मिल गई है. इस दौरान पूछताछ में धर्मांतरण का कुछ ब्‍यौरा भी सामने आया है, जो कि बेहद चौंकाने वाला है. इस्लामिक दावा सेंटर के सहारे उमर गौतम और जहांगीर द्वारा बीते डेढ़ साल में धर्म परिवर्तन कराने का 17 पेज का विवरण सामने आया है.

इसमें उमर गौतम के साथी जहांगीर आलम कासमी के दस्तखत से 7 जनवरी 2020 से 12 जून 2021 तक जिन 33 लोगों का धर्मांतरण कराया गया उनमें 18 महिलाओं के साथ 15 पुरुष भी शामिल हैं. हैरानी की बात ये है कि इसमें सिर्फ एक व्‍यक्ति कम पढ़ा-लिखा है. धर्म बदलने वालों में कई सरकारी नौकरी करने वाले, तो कुछ सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. इसके अलावा इसमें दिल्‍ली के अस्‍पताल की स्‍टाफ नर्स, गुजरात का एमबीबीएस डॉक्‍टर और एमसीए पीएचडी कर चुके लोग शामिल हैं. यही नहीं, इस्‍लामकि दावा सेंटर ने धर्मांतरण फार्म के साथ एक एफिडेविट भी लगाकर दिया है, जिसमें साफ साफ लिखा है कि वह बिना किसी लालच और भय के अपनी स्‍वेच्‍छा से अपना मूल धर्म छोड़कर इस्‍लाम अपना रहे हैं.

33 में दिल्‍ली के 14 लोग शामिल

यूपी एटीएस को जिन 33 लोगों की लिस्‍ट मिली हैं, उनमें से सबसे अधिक दिल्‍ली के 14 लोगों ने धर्मांतरण किया है. जबकि यूपी से 9, बिहार से तीन और मध्‍य प्रदेश से दो लोग शामिल हैं. वहीं, गुजरात, महाराष्‍ट्र, असम, झारखंड और केरल के एक-एक व्‍यक्ति ने धर्मांतरण कर इस्‍लाम को स्‍वीकार किया है. हैरानी की बात ये है कि इनमें से यूपी के बुलंदशहर को रहने वाला व्‍यक्ति ही सबसे कम पढ़ा लिखा है और वह छठी पास है. उसने जून में ही धर्मांतरण किया है.

यूपी एटीएस ने बनाई चार टीमें

बहरहाल, यूपी एटीएस ने उमर गौतम और जहांगीर की गिरफ्तारी के के बाद उनसे पूछताछ के लिए चार टीमें बनाई हैं. एक टीम देश के अंदर विभिन्न राज्यों में फैले उनके नेटवर्क पर, दूसरी टीम उत्तर प्रदेश के नेटवर्क पर, तीसरी टीम विदेश फंडिंग पर और चौथी टीम आईएसआई से कनेक्‍शन को लेकर पूछताछ करेगी, ताकि इस मामले में अधिक से अधिक खुलासे हो सकें. बता दें कि उमर गौतम और जहांगीर पर पिछले 2 साल में 1000 से ज्यादा लोगों को मुस्लिम बनाने का आरोप है. हालांकि इस मामले को लेकर जमकर राजनीति भी हो रही है. इस बीच यूपी के देवबंद में जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी (Maulana Mahmood Madani) ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि उमर गौतम के बेटे अब्दुल्ला उमर की गुजारिश पर जमीयत उलमा-ए-हिंद अदालत में इस मामले की मजबूत परैवी करेगी.