OMG! फर्जी आर्मी अफसर बनकर प्रॉपर्टी खरीदने और किराए पर लेने के नाम पर कर रहे हैं ठगी, जानें कैसे चलता है गोरखधंधा
भोपाल. मध्य प्रदेश में फर्जी आर्मी अफसर (Fake Army Officer) से सावधान हो जाइए, क्योंकि यह फर्जी अफसर वेबसाइट से प्रॉपर्टी खरीदने और किराए (Property Buying and Renting) से लेने के नाम पर आपके अकाउंट पर डाका डाल सकते हैं. ऐसी कई शिकायत मध्य प्रदेश साइबर पुलिस (MP Cyber Police) के पास पहुंची हैं. साइबर पुलिस ने इन शिकायतों की जांच करने के साथ ही ऐसे ठगों से बचने के लिए आम जनता के लिए एडवाइजरी भी जारी की है.
साइबर पुलिस के अनुसार, 99acre.com, OLX, Quikr, Magicbricks.com आदि पर दिए गए प्रॉपर्टी के बेचने और किराए से देने वाले विज्ञापनों के लिए आर्मी ऑफिसर बनकर साइबर ठग प्रॉपर्टी खरीदने और किराए से लेने वालों से बात करते हैं. इसके बाद यह यूपीआई नंबर और यूपीआई क्यूआर कोड स्कैन कराकर आपके खाते से पैसे ट्रांसफर कर लेता हैं. साइबर अपराधी ऐसी कई वेबसाइट पर विज्ञापनकर्ताओं से संपर्क कर कहते हैं कि जो प्रॉपर्टी खरीदने बेचने और किराए से देने लेने के लिए विज्ञापन अपने इन वेबसाइट पर किए हैं उनके संबंध में बात करना चाहते हैं. आगे आरोपी प्रॉपर्टी किराए की बात करते हैं. आरोपी खुद को आर्मी अफसर बताते हैं. इसके साथ वह यह भी बताते हैं कि वर्तमान में वह प्रॉपर्टी वाली जगह पर नहीं रहते हैं, उनकी पोस्टिंग किसी दूसरे स्थान पर है.
फिर यूं होता है पूरा खेल
इसके बाद किराए की राशि और एडवांस राशि फोन पे, गूगल पर आदि से आप को भेजने के लिए कहते हैं, ताकि आप प्रॉपर्टी किसी और को ना दें या ना बेच दें. जब विज्ञापनकर्ता आरोपी की भेजी गई यूपीआई रिक्वेस्ट को स्वीकार करते हैं या फिर भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन करके अपना यूपीआई पिन डालते हैं तो दिखाई देने वाली राशि आपके खाते में आने की जगह आपके खाते से कट जाती है. इस तरह के अपराधों से संबंधित तीन से चार शिकायतें साइबर पुलिस थाना भोपाल में आ चुकी हैं.
ये है साइबर पुलिस की एडवाइजरी
>>आर्मी सेना की यूनिफार्म का फोटो आईडी कार्ड आदि व्हाट्सएप के माध्यम से दिखाए जाता है तो उस पर विश्वास ना करें.
>>हमेशा ध्यान रखें कि यूपीआई पेमेंट रिसीव करते समय पिन की आवश्यकता नहीं होती.
>>किसी प्रकार की वेबसाइट से प्राप्त होने वाले फर्जी कॉल, मैसेज, ईमेल पर बिना पुष्टि करे विश्वास न करें.
>>आपकी व्यक्तिगत जानकारी जैसे अकाउंट नंबर, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड की जानकारी को साझा न करें.
>>आपके साथ ऐसा कोई अपराध हो तो उसकी शिकायत नजदीकी पुलिस थाने में करें या टोल फ्री नंबर 155260 पर या फिर साइबर क्राइमडॉट जीओवी डॉट इन पर की जा सकती है.