नगरनिगम के जेडओ मनीष कनौजिया और निगमकर्मी इंदरसिंह 50 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार

ग्वालियर. मकान न तोड़ने के एवज में फरियादी अनूप कुशवाह से जेडओ मनीष कन्नोजिया से 3 लाख रूपये की डिमांड की थी लेकिन डील 2 लाख रूपये में तय हो गयी जिसकी पहली किश्त बतौर 50 हजार रूपये देने के लिये शारदाबिहार कॉलोनी नगरनिगम के क्षेत्रीय कार्यालय क्रमांक 14 के जेडओ को रिश्वत देने के लिये फरियादी अनूप कुशवाह पहुंचा तो जेडओ ने कहा कि मेरे टाईमकीपर इंदरसिंह को दे दो जैसे इंदरसिंह ने रिश्वत ली वैसे ही ईओडब्ल्यू की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। अभी जेडओ मनीष कनौजिया और टाइमकीपर इंदरसिंह पर ईओडब्ल्यू कार्यवाही कर रही है। मौके पर टीआई यंशवंत गोयल, शैलेन्द्र सिंह कुशवाह एसआई भीष्म तिवारी, योगेन्द्र दुबे, घनश्याम भदौरिया आदि टीम कार्यवाही कर रहे हैं

फरियादी बोला पैसे तो आपको ही दूंगा

जेडओ मनीष कनौजिया फरियादी अनूप कुशवाह से कहा कि आप पैसे टाइमकीपर इंदरसिंह को दे दो तो फरियादी से बोला कि मैं पहले ही भुगत चुका हूं मैंने पहले पैसे तत्कालीन सिटीप्लानर प्रदीप वर्मा को दिये थे लेकिन वह बाद में मुकर गया तो मैं तो आपको ही पैसे दूंगा।

मैंने कोई पैसे नहीं मांगें और न ही मेरे पास कोई फाइल हैं

जेडओ मनीष कनौजिया ने ईओडब्ल्यू की कार्यवाही पर बोला कि मैंने कोई पैसे की डिमांड नहीं की है यह मुझै फंसाने की साजिश हैं।
मनीष कनौजिया, जेडओ, जोन क्रमांक 14 नगरनिगम

जेडओ से बात की तो धमकाया

जब प्रॉपर्टी व्यापारी अनूप कुशवाह ने जोनल अधिकारी से बात की तो उन्होंने धमकाया। मामला दबाने के लिये 3 लाख रूपये की डिमांड की थी। बातचीत के बाद 2 लाख रूपये में डील हुई थी। 4 किश्तों में रकम देना तय हुआ था। 50 हजार रूपये अनूप पहले दे चुके थे और दूसरी किश्त में देरी होने पर जोनल अधिकारी पिछले 3 दिन से वहां रहने वालों को परेशान कर रहा था। यहां तक नोटिस भी दे आया था।

लोग लोकायुक्त के बदले ईओडब्ल्यू से कार्यवाही चाहते

पिछले कुछ समय से देखने में आया है कि नगरनिगम के अधिकारियों को पकड़वाने के लिये फरियादियों ने ईओडब्ल्यू का सहारा लिया है जबकि इस तरह के टैप करने के मामले में लोकायुक्त पुलिस ही आगे हैं। लोकायुक्त पुलिस द्वारा पिछले कुछ वर्षो से नगरनिगम कार्यालय से जुड़ी कई शिकायतों को दबाकर बैठे होने पर उन लोगों का विश्वास कम हो रहा है।