पहली पत्नी को मृत बताकर की दूसरी शादी, दांपत्य सुख से रखा वंचित, बाेला- समाज में इज्जत के लिए लाया था तुम्हें

लॉकडाउन के दौरान जब संक्रमण के डर से लाेग घर से बाहर निकलने से कतरा रहे थे, उस दौरान दीनदयाल नगर निवासी रामपाल (परिवर्तित नाम) ने बल्लभगढ़ जाकर अपनी बेटी की शादी वहां के काराेबारी चंद्रपाल (परिवर्तित नाम) से की थी। कारण- लड़की की पहली शादी टूट गई थी। तलाक के बाद अच्छे लड़के की तलाश थी और जैसे ही उन्हें चंद्रपाल के बारे में पता चला तो थोड़ी पूछताछ कर ग्वालियर में सगाई और बल्लभगढ़ में शादी की, लेकिन तीन माह बाद ही दामाद की हकीकत सामने आ गई।

दामाद ने पहली पत्नी को मृत बताकर शादी की थी। उसकी पहली पत्नी जीवित है। यहां तक की शादी के बाद दोनों के बीच संबंध भी नहीं बने। चंद्रपाल ने कई दिन तक बीमारी का बहाना बनाकर संबंध बनाने में असमर्थता जताई। इसे लेकर रोज-रोज झगड़े हुए। आखिर में तंग आकर महिला ग्वालियर लौट आई, जहां उसने परिजनों को आपबीती सुनाई। इसके बाद परिजनों ने कुटुंब न्यायालय में भरण पोषण के लिए याचिका दायर की है।

जिसे भाई का बेटा बताया था, वह पति का ही निकला, पहली पत्नी भी जीवित

एडवोकेट रश्मि राठौड़ ने बताया कि जून 2020 को दोनों की शादी बल्लभगढ़ स्थित होटल में हुई थी। शादी के कुछ दिन सब ठीक रहा। बाद में उनकी बेटी को पता चला कि चंद्रपाल की पहली पत्नी की मौत नहीं हुई है। वह जीवित है, बस पति से अलग रह रही है। यहां तक की जिस लड़के को शादी से पहले चंद्रपाल ने अपने बड़े भाई का बेटा बताया था, वह उसका बेटा है। यह तमाम जानकारी शादी से पहले छुपाई गईं। शादी के बाद जब चंद्रपाल ने पतिधर्म का पालन नहीं किया।

पत्नी ने जब इलाज लेने का सुझाव दिया तो पति ने उसे भी मानने से इनकार कर दिया। उससे कहा गया कि मैंने ताे समाज में इज्जत हासिल करने के लिए तुमसे शादी की थी। युवती ने पति को जब ग्वालियर जाने के लिए कहा तो उसने मारपीट शुरू कर दी, लेकिन बाद में मामला बिगड़ता देख युवती को ग्वालियर छोड़ गया। इसके बाद महिला ने सत्र न्यायालय में घरेलू हिंसा का प्रकरण भी दर्ज कराया।