दो पतियों को छोड़ बॉयफ्रेंड के साथ रहने लगी बिंदू आंटी, नौजवान रहते थे सॉफ्ट टारगेट
15 साल की लड़की के साथ गैंगरेप में जिस बिंदू नाम की महिला का नाम सामने आया था, वह मादक पदार्थाें की खरीद-फरोख्त भी करती है। उसी के घर पर पहली बार 6वीं की छात्रा को नशीला पदार्थ दिया गया। फिर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। भास्कर ने मामले में पड़ताल की, तो पता चला कि बिंदू एमडीएमए, ब्राउन शुगर, कोकीन की सप्लाई करती है। वह नाबालिगों को भी इस धंधे में धकेल रही है। लड़की की शिकायत पर गजनी ठाकुर, अमन वर्मा, बिंदू और अन्य के खिलाफ अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
बिंदू आंटी का पूरा सच
भास्कर की पड़ताल में सामने आया, बिंदू उर्फ बीनू गांगले (38) मूल रूप से बड़वानी की रहने वाली है। अब वह पिंक सिटी पंचवटी कॉलोनी, इंदौर में रहती है। उसने दो शादियां की हैं। उसके पहले पति मनोहर ने तलाक के बाद संन्यास ले लिया था। वहीं, दूसरे पति का नाम जितेंद्र है, जिसने साल 2000 में बिंदू से शादी की। वर्ष 2015 में जितेंद्र ने भी उसे छोड़ दिया। बिंदू के दो बच्चे हैं। एक बेटी और एक बेटा। बेटी बड़ी है और उसकी शादी भी हो चुकी है। अब बिंदू किसी आकाश नाम के व्यक्ति के साथ रहने लगी। वह उसे अपना बॉयफ्रेंड बताती है। इसी कारण बिंदू के बेटे ने उससे दूरी बना रखी है। पुलिस आकाश को तलाश रही है।
ड्रग्स के लिए बिंदू ने छोड़ा नानी का घर
अमन और गजनी की बात करें, तो यह दोनों आकाश के पुराने परिचित हैं। इन्होंने ही बिंदू को ड्रग्स के काम में उतरने की सलाह दी थी। बिंदू को इनकी बात ऐसी जमी कि उसने गांधी नगर स्थित अपनी नानी का घर छोड़ पंचवटी नगर में मकान ले लिया। करीब 5 साल से बिंदू यहां रह रही थी। इसी दौरान, उसने घर में कुछ बदलाव भी करवा लिए। उसने घर में एक अलग कमरा बनवाया, जिसमें अनैतिक कार्य के साथ नौजवानों को ब्राउन शुगर का नशा करवाया जाता था। बिंदू 15 से 20 साल के नौजवानों को शिकार बनाती और उन्हें ड्रग्स सप्लाई करती और करवाती थी।
मां प्रेमी के पास रहने आई, तो गजनी भी साथ आ गया
24 वर्षीय आरोपी गजनी उर्फ गोलू ठाकुर निवासी देवास की इंदौर आने की कहानी भी रोचक है। 10 साल पहले गोलू की मां अपने पति को तलाक देकर प्रेमी के पास रहने इंदौर आ गई थी। मां के साथ आए गोलू की परवरिश इंदौर में ही हुई। उसने यहां कैफे में वेटर की नौकरी कर ली। इसी दौरान, देवास में रहने वाले पिता का देहांत हो गया। इसके बाद वह परेशान रहने लगा, क्योंकि पिता ही उसका आर्थिक सहारा थे, जो उनके जाने के साथ ही खत्म हो गया।
इसी कैफे में उसकी पहली बार अमन से मुलाकात हुई। अमन पहले से ड्रग्स के धंधे में जुड़ा था। गोलू को अमन ने बुलाकर एक्स्ट्रा कमाई का लालच दिया। गोलू ने इंटरेस्ट लिया, तो अमन ने कैफे में आने वाले नौजवानों को ड्रग्स सप्लाई करने का ऑफर दिया। कहा- एक पुड़िया पर 500 रुपए कमीशन मिलेगा।
राजस्थान से ड्रग्स लाता था अमन
पुलिस पूछताछ में अमन और गजनी ने बताया, वह नौजवानों को पहले फ्री में ड्रग्स देते थे। लत लगने के बाद वे उनसे मोटी रकम वसूलते थे। वे ऐसी लड़कियों को निशाना बनाते थे, जो मां, बाप से दूर रह रही हैं या उन्हें रुपयों की जरूरत है। नाबालिग और कम उम्र की लड़कियों को पहले ड्रग्स दिया जाता था। उसके बाद अनैतिक काम के लिए भी दबाव बनाया जाता था। अमन के मुताबिक वह उज्जैन और प्रतापगढ़ से ड्रग्स लाता रहा है। आराेपियों का कहना है, ड्रग्स का मुख्य सप्लायर प्रतापगढ़ का रहने वाला एक लाला है, जो लंबे समय से अमन को ड्रग्स दे रहा था।