भाइयों के धोखा देने से दु:खी होकर युवक ने कर ली थी आत्महत्या
चचेरे भाइयों के धोखा देने से दु:खी होकर एक युवक ने दो महीने पहले आत्महत्या कर ली थी। अब जाकर शनिवार को इसमें पुलिस ने खुदकुशी के लिए मजबूर करने वाले चचेरे भाइयों पर एफआईआर दर्ज की है। जांच में पूरे मामले का खुलासा हुआ है। मृतक, 6 महीने तक फाइनेंस कार की किश्त भाइयों को देता रहा, लेकिन वह फाइनेंस कंपनी में जमा नहीं कर रहे थे। जब कंपनी वाले गाड़ी उठाने आ गए तो मामले का पता लगा। उसके बाद पीड़ित ने यह कदम उठाया।
यह था पूरा मामला
महाराजपुरा के न्यू आदर्श नगर निवासी 30 वर्षीय सज्जन सिंह पुत्र सुन्दर सिंह ने 22 नवंबर 2020 को अपने घर की छत पर टीन शेड में फांसी लगाकर जान दे दी थी। उस समय तो पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की थी। पुलिस को खुदकुशी का कारण पता नहीं चल रहा था, लेकिन घटना के कुछ दिन बाद मृतक की डायरी से मिले एक सुसाइड नोट से पूरे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया। सुसाइड नोट में उसने अपनी मौत के लिए चचेरे भाइयों राजू गुर्जर, शैलू गुर्जर को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था। साथ ही बताया था कि वह काफी दुखी हो चुका है।
पैसा लौटाने से मना कर धमकाया
महाराजपुरा थाना प्रभारी आसिफ मिर्जा बेग ने बताया कि जब जांच को आगे बढ़ाया तो पता लगा कि सज्जन ने कुछ समय पूर्व महिन्द्रा फाइनेंस कंपनी से एक कार फाइनेंस कराई थी। यह गाड़ी उसके चचेरे भाइयों राजू गुर्जर पुत्र सरनाम सिंह गुर्जर व शैलू गुर्जर पुत्र बच्चू सिंह ने ही फाइनेंस कराकर दी थी। गाड़ी आने के बाद अगले महीने से ही 12 हजार रुपए उसने किश्त के अपने भाइयों को देना शुरू कर दिए। 6 महीने बाद फाइनेंस कंपनी से नोटिस आया कि यदि पूरी किश्त एक मुश्त जमा नहीं की तो गाड़ी उठा ले जाएंगे। जब पीड़ित ने भाइयों से किश्त के बारे में पूछा तो उन्होंने पैसा लौटाने से मना कर दिया। साथ ही उसको धमकाया भी। जिन भाइयों पर वह सबसे ज्यादा विश्वास करता था, उनका धोखा देना उसके दिल पर चोट कर गया था। इसी कारण उसने यह कदम उठाया है।