हापुड़ मेडिकल कॉलेज के डॉ. सुमित आलोक को गिरफ्तार कर ग्वालियर कोर्ट लाए, 5 आरोपियों की अग्रिम जमानत पर 11 को सुनवाई
पीएमटी-2011 में सरकारी कोटे की सीटें 50-50 लाख रुपए तक में बेचे जाने के व्यापमं महाघोटाले में सीबीआई ने गुरुवार को विशेष अदालत में 4 हजार से अधिक पेज का चालान पेश किया। इस चालान में तत्कालीन डीएमई डॉ.एससी तिवारी, डीन डॉ.एनएम तिवारी, आएशा शेख, लोकेश कुमार, सिराज अहमद, विजेंद्र कुमार, शेख सदफ समेत 57 आरोपी हैं।
आरोपियों में करीब 27 लड़कियां शामिल हैं। ग्वालियर के जिला न्यायालय भवन में सीबीआई कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र श्रीवास्तव के यहां देर शाम ये चालान पेश हुआ। विशेष अभियोजक भारत भूषण शर्मा ने बताया कि चालान पेश होने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया है। इस मामले में 28 जनवरी काे अगली सुनवाई होगी।
सीबीआई के अधिकारी चालान पेश करने के लिए सुबह करीब 11 बजे ही कोर्ट पहुंच गए थे लेकिन इस मामले में हाईकोर्ट द्वारा एक दिन पहले दिए आदेश के कारण अधिकारी असमंजस में आ गए कि चालान आज पेश करें या नहीं? फिर वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद शाम करीब 5.30 बजे चालान पेश हुआ। वहीं सीबीआई के नोटिस पर कुछ आरोपी सरेंडर करने के लिए कोर्ट पहुंच गए थे लेकिन बाद में वे सभी वापस चले गए।
इसके अलावा इस मामले में गुरुवार को कुछ आरोपियों की अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में सुनवाई हुई, ये अर्जी डॉ. अंशुल दुबे, डॉ. देवयानी पटेल, डॉ. सगर नावनी आदि ने दाखिल की थी। इस पर अगली सुनवाई 11 जनवरी को होगी।
वहीं व्यापमं फर्जीवाड़े के एक अन्य मामले में सीबीआई ने डाॅ. सुमित आलोक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। सुमित हापुड़ के मेडिकल कॉलेज में एनिस्थिसिया विभाग में पदस्थ है।
गोरखधंधा: डमी एडमिशन के बाद बेचीं 39 सीट, जांच में नए नाम सामने आए
चालान में वर्ष 2011 में एक निजी कॉलेज द्वारा सरकारी कोटे की 39 सीटों को 50-50 लाख रुपए तक में बेचने के आरोप हैं। कॉलेज ने पहले सरकारी कोटे की सीटों पर डमी एडमिशन दे दिए और उसके बाद इन सीटों को बेच दिया। मेडिकल कॉलेज के संचालक समेत चिकित्सा शिक्षा विभाग के तत्कालीन अधिकारी इस मामले में लिप्त पाए गए।
इस प्रकरण में पहले 3 लोगों पर चार्जशीट हो चुकी थी। शहर के झांसी रोड पुलिस थाने में इसका केस दर्ज हुआ। सीबीआई ने जांच की तो इस पूरे घोटाले में 57 और नए नाम सामने आए। जिनमें चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारी और मेडिकल कॉलेज की एडमिशन कमेटी के डॉक्टर्स भी आरोपी बनाए गए हैं। नई चार्जशीट में नाम शामिल होने पर 10 अन्य आरोपियों ने अग्रिम जमानत अर्जी पेश की थी, लेकिन कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी है।
कोरोना के कारण 5-5 आरोपियों को होंगे नोटिस
सीबीआई द्वारा चालान पेश किए जाने से पहले आरोपियों को पेशी नोटिस जारी किए गए थे। उसके बाद कुछ आरोपियों ने हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से इंकार कर दिया।
डॉ. रवि सक्सेना की याचिका पर जस्टिस शील नागू व जस्टिस आनंद पाठक ने आदेश दिए कि कोविड को ध्यान में रखते हुए सभी 57 आरोपियों की पेशी एक साथ न कराते हुए एक सुनवाई में 5-5 आरोपियों को नाेटिस जारी किए जाएं। साथ ही बुजुर्ग आरोपियों को जरुरी होने पर ही बुलाया जाए। इस हाईप्रोफाइल मामले को लेकर कोर्ट रूम के बाहर काफी भीड़ भाड़ रही और कोर्ट प्रक्रिया काफी गोपनीय तरीके से पूरी की गई।